संत रविदास मंदिर की भूमि वापसी के लिए संत समाज ने सरकार को एक माह का समय दिया है। इसके बाद देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। संत समाज की बैठक के बाद मंगलवार को संघर्ष समिति ने कहा है कि अगर पांच दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा 10 नवंबर को तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास मंदिर में महाआरती व पूजा की घोषणा भी की है। समिति का कहना है कि 12,350 गज भूमि मंदिर परिसर के पास है। सरकार को उन्हें पूरी जमीन वापस करनी होगी।
आरके पुरम स्थित रविदास धाम में मंगलवार को हुई बैठक में सरकार द्वारा मंदिर के लिए दी गई 400 वर्ग मीटर भूमि को संतों ने समाज का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पांच दिसंबर तक मंदिर की पूरी जमीन गुरु रविदास जयंती समारोह समिति को नहीं सौंपी तो देशव्यापी आंदोलन होगा। बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के संतों और डेरा प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में शाम को आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुखदेव वाघमारे ने कहा कि सरकार ने पहले संत शिरोमणि गुरु रविदास धाम को तोड़ कर अपमान किया और अब वह जमीन को हथियाना भी चाहती है। इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं पठानकोट डेरा के स्वामी गुरदीप गिरी ने कहा कि मंदिर की एक-एक गज जमीन समाज को वापस चाहिए।
रविदासिया धर्म उत्तर प्रदेश के प्रमुख संत वीर सिंह हितकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। संत गुरु रविदास संत समाज की अखिल भारतीय बैठक अगली छह व सात दिसंबर को पुणे में आयोजित होने वाली है उसमें देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस दौरान हरियाणा के संत निर्मल दास, संत फकीर दास, पंजाब की संत बीबी कृष्णा, दिल्ली के संत सी रवि, एमपी के संत पंचम दास भी मौजूद रहे।