सड़क हादसे में ट्राला की चपेट में आकर विकलांग हुए चौंतीस वर्षीय शख्स को कृत्रिम पैर खरीदने के लिए बीमा कंपनी नौ लाख रुपये से ज्यादा का मुआवजा देगी।
कृत्रिम पैर का सॉकेट बदलवाने के लिए दो लाख 32 हजार की व्यवस्था होगी है। अदालत ने बीमा कंपनी को दिए 23 लाख रुपये कुल मुआवजे में इन दोनों जरूरतों की व्यवस्था की है।
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यह निर्देश सड़क दुर्घटना पंचाट ने अतुल कुमार (34) की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। हादसे में पीड़ित का दायां पैर कट गया था और कई महीनों तक उपचार करवाना पड़ा था। हादसे के समय पीड़ित हर माह साढ़े 22 हजार रुपये कमा रहा था।
द्वारका जिला अदालत के एमएसीटी जज अरुण भारद्वाज ने अतुल कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद 23 लाख 54 हजार रुपये का मुआवजा व 7.5 फीसदी की दर से ब्याज देने का निर्देश श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।
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अदालत में बहस के दौरान अधिवक्ता उपेंद्र सिंह ने कहा कि पीड़ित की आयु अभी महज 34 साल है और उसे हर 7-8 साल बाद कृत्रिम पैर बदलवाना पड़ेगा इसके मद्देनजर उसे दो बार कृत्रिम पैर खरीदने की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा पीड़ित को हर साल कृत्रिम पैर का सॉकेट बदलवाना होगा। इसमें 15 हजार से ज्यादा का खर्च आएगा।
पीड़ित पक्ष की दलीलों के मद्देनजर अदालत ने पीड़ित को कृत्रिम पैर एंडोलाइट ट्रांस फेमोरल सिस्टम खरीदने के लिए 9.71 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। अदालत ने आगामी 15 साल में पैर का सॉकेट बदलवाने के लिए 2.32 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह दोनों राशि पीड़ित को मिलने वाली कुल मुआवजा राशि में शामिल हैं।
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ककरोला मोड़ निवासी अतुल कुमार 23 जनवरी 2012 की रात सवा ग्यारहे बजे अपने साथी राजेश कुमार के साथ रेवाड़ी के झज्जर चौक पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। उस समय एक तेज रफ्तार में चले आ रहे ट्राला ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
पीड़ित को घायल अवस्था में स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अगले उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान पीड़ित का दायां पैर काटना पड़ा था। पीड़ित 24 जनवरी 2012 से आठ फरवरी 2012 तक अस्पताल में भर्ती रहा था।