लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कहते हैं, प्रतिदिन टेस्ट हो रहे हैं और इसमें अधिकांश मरीजों में खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। यही वजह है कि अस्पताल से ज्यादा घरों में मरीजों की संख्या है।
राजधानी में कोरोना संक्रमण कम होने लगा है। संक्रमण कम होने के बावजूद दिल्ली के घरों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। यही वजह है कि बृहस्पतिवार तक कुल संक्रमित मरीजों में से 71 फीसदी मरीज घर में उपचाराधीन थे। हालांकि, राहत की बात यह है कि दिल्ली में मिलने वाले दैनिक मामलों का ग्राफ गिरने लगा है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 30 जून तक होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों का आंकड़ा 2817 था, जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या 3914 था। इससे एक दिन पहले के आकंड़ों के मुताबिक, होम आइसोलेशन में 2958 मरीज भर्ती थे, जबकि सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 4325 था। इस दिन दिल्ली में 1109 नए मरीज मिले थे। वहीं, 28 जून को होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों का आंकड़ा तीन हजार से था, जबकि कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 4482 थी।
इस संबंध में लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कहते हैं, प्रतिदिन टेस्ट हो रहे हैं और इसमें अधिकांश मरीजों में खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। यही वजह है कि अस्पताल से ज्यादा घरों में मरीजों की संख्या है।
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वहीं, एम्स के एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि घरों में भर्ती मरीज कोरोना के हल्के लक्षणों से पीड़ित हैं। ऐसे में कुछ मरीज ठीक होने के बाद भी टेस्ट नहीं कराते हैं व जो मरीज टेस्ट कराते हैं वे देरी से कराते हैं। यह कारण हो सकता है, जिससे होम आइसोलेशन की संख्या में अधिक कमी नहीं हो रही है। डॉक्टर का कहना है कि अच्छी बात यह है कि अधिकांश मरीजों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं मिल रहे हैं व कोरोना से मौत का आंकड़ा भी शून्य पर पहुंच गया है। ऐसे में संभावना है कि आने वाले दिनों में कोरोना के नए मामलों में और कमी हो सकती है।
तारीख होम आइसोलेशन सक्रिय मरीज दैनिक मामले
30 जून 2817 3914 865
29 जून 2958 4325 1109
28 जून 3354 4482 874