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गाजियाबादः अवैध फैक्टरी में धमाका, आठ की मौत, मृतकों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा

Sun, 05 Jul 2020 05:41 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग - फोटो : amar ujala
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मोदीनगर थाना क्षेत्र के बखरवा गांव में मोमबत्ती और पटाखे  बनाने की अवैध फैक्टरी में रविवार दोपहर आग लगने से धमाका हो गया। आग में एक किशोर व सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 11 लोग बुरी तरह झुलस गए। डीएम ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों की प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए डीएम व एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। 

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बखरवा गांव में नितिन चौधरी पुत्र प्रेम सिंह के घेर में मोमबत्ती व फुलझड़ी बनाने की अवैध फैक्टरी चलती थी। दोपहर करीब सवा तीन बजे फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में आतिशबाजी का सामान भी बनाया जाता था, जिसमें विस्फोट होने की वजह से आग लगी। 

लोगों का कहना है कि अचानक से धमाका हुआ, जिसमें फैक्टरी का करीब 70 फीसदी हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। उसके बाद फैक्टरी में रखे सामान में आग लग गई। अधिकांश मौतें विस्फोट की वजह से हुईं। फैक्टरी घनी आबादी के बीच करीब 200 गज के प्लाट में संचालित थी, जिसमें अधिकांश महिलाएं काम करती थीं। आग की लपटों में घिरकर शाहनूर पुत्री शहाबू, लक्ष्मी पुत्री नरेश जाटव, बेबी पत्नी नरेश कश्यप, जागो पत्नी अजब सिंह, चिंकी पुत्री परमानंद, पूनम पत्नी पप्पू, मुनेश पत्नी राधेश्याम और रोहित पुत्र राजवीर की मौत हो गई। जबकि विमल पत्नी संजय, मीनाक्षी पत्नी सुंदर, पप्पू राजवती, गीता पत्नी संजय समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मोदीनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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घटना के बाद डीएम अजय शंकर पांडेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने लापरवाही सामने आने पर मोदीपोन चौकी प्रभारी मोहम्मद रफीक को सस्पेंड कर दिया है। डीएम ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लिया है। फैक्टरी मालिक के खिलाफ एफआईआर के भी आदेश दे दिए गए हैं। डीएम का कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मुआवजा बढ़वाने को ग्रामीणों ने किया हंगामा
हादसे के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस का रास्ता रोक कर शवों को ले जाने का विरोध किया। प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम 4-5 लाख की आर्थिक राशि देने की मांग की गई। इसके पहले प्रशासन ने मृतकों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। बाद में मृतकों को 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई। घायलों का निशुल्क उपचार कराया जाएगा।

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