कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने हमीरपुर जेल में बंद गैंगस्टर सुंदर भाटी के घंघोला गांव में शनिवार शाम कुर्की की कार्रवाई की। मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने जेसीबी की मदद से घंघोला गांव में सुंदर भाटी के करीबी का नवनिर्मित भवन का अतिक्रमण के चलते छज्जा ढा दिया।
वहीं, गांव में ग्राम समाज की 648 वर्ग मीटर के पोखर-तालाब को भरकर सुंदर भाटी के किए गए कब्जे को भी पुलिस ने मुक्त कराकर जब्त कर लिया। पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर में एक्ट में शनिवार को हुए कोर्ट के कुर्की के आदेश के बाद कार्रवाई की गई है।
अहम है कि कानपुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में आपरेशन क्लीन चलाने और बदमाशों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर जेल में बंद गैंगस्टर सुंदर भाटी के खिलाफ लगभग 48 केस दर्ज हैं। डीसीपी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, शनिवार को जिला अदालत ने कुर्की के आदेश दिए थे। आरोपी के खिलाफ अदालत अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए।
इसके बाद विभिन्न थानों की पुलिस बल के साथ सुंदर भाटी के पैतृक गांव घंघोला पहुंचकर कार्रवाई की गई। आरोपी और उसके गिरोह ने गांव स्थित तालाब व पोखर की बड़ी भूमि का मिट्टी से भराव कर चारों ओर बाउंड्री बनाकर अवैध कब्जा किया हुआ था। पुलिस ने इस बाउंड्री और गेट को ध्वस्त कर कब्जा मुक्त कराकर जमीन को जब्त कर लिया। इसके अलावा आरोपी के करीबी के एक नवनिर्मित मकान में छज्जा निकालकर अतिक्रमण किया हुआ था। इस छज्जे को भी ढा दिया गया।
छह थानों की पुलिस रही तैनात
सुंदर भाटी के घंघोला गांव में कार्रवाई के दौरान लगभग छह थानों की पुलिस तैनात रही। वहीं, कुछ ग्रामीण भी मोबाइल में पुलिस कार्रवाई की वीडियो बनाते दिखाई दिए। पुलिस गांव में कार्रवाई के लिए पूरे दल बल के साथ पहुंची थी। डीसीपी राजेश कुमार सिंह के अलावा कई थाना प्रभारी भी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे।
सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी पर 25 हजार का इनाम घोषित
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली में हाल ही में विपिन नाम के ट्रांसपोर्टर ने अनिल यादव पर कॉल कर 45 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया था। लेकिन अनिल भाटी अब तक फरार है। इसके चलते डीसीपी हरीश चंदर ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इससे पहले भाजपा नेता शिवकुमार यादव समेत तीन की हत्या के मामले में अनिल भाटी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और अनिल भाटी ने आत्मसमर्पण कर दिया था।