फरीदाबाद में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे वन विभाग ने छह नर्सरी में करीब सात लाख पौधे उगाए हैं जो शहर की जहरीली आबोहवा को शुद्ध करेंगे।
मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद वन्य जीव प्राणी सुरक्षा विभाग ने सभी नर्सरियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। इसे जल्द मुख्यालय भेजा जाएगा।
वन विभाग ने एक वर्ष के काम का रिकार्ड मुख्यालय भेजा था जिसे क्रास चेक करने के लिए मुख्यालय ने वन्य विभाग को जिम्मेदारी दी।
सूत्रों की माने तो बल्लभगढ़, मवई, पल्ला, ददसिया और फरीदाबाद बाईपास के दो नर्सरियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग ने छह नर्सरी में कीकर, शीशम समेत 35 प्रजाती के छह लाख 83 हजार पौधे उगाए। ऐसे में वायुमंडल में घुलते जहर को कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जगी है।
इनकी सुने:
-पर्यावरणविद वीपी बघेल ने बताया कि सामान्यत: दो से तीन फुट का पौधा 24 घंटे में ढाई से तीन किलो आक्सीजन पर्यावरण में देता है। पत्तेदार पौधों में ये प्रतिशत बढ़ जाता है। ऐसे में एवरेज देखें तो करीब सात लाख नए पौधे वायुमंडल में 21 लाख किलो आक्सीजन का प्रतिशत बढ़ाएंगे जो इनके बढ़ने के साथ ही बढ़ता जाएगा।
-जिला वन अधिकारी भूप सिंह यादव का कहना है कि जैसे ही उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलेंगे, वैसे ही हरियाणा प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
किस नर्सरी में है कितने पौधे:
नर्सरी----------------------पौधे
फरीदाबाद बाईपास नर्सरी-1----1.8 लाख
फरीदाबाद बाईपास नर्सरी-2----1.45 लाख
बल्लभगढ़----------------------1.27 लाख
ददसिया------------------------1.70 लाख
पल्ला--------------------------81,600
मवई---------------------------52 हजार