यूपी के विशेष सचिव और गाजियाबाद में डीएम रह चुके आईएएस अफसर शशिभूषण लाल सुशील को सिक्योरिटी में तैनात बाउंसरों ने क्रासिंग्स रिपब्लिक सिटी में अंदर नहीं जाने दिया।
रिश्तेदार से मिलने पहुंचे विशेष सचिव ने आई कार्ड दिखाकर परिचय भी दिया, लेकिन बाउंसरों ने उनकी प्राइवेट कार पर पार्किंग पास न होने की वजह से गेट के अंदर दाखिल नहीं होने दिया।
बाउंसरों ने विशेष सचिव से बदतमीजी भी की। इस पर आईएएस ने विजयनगर थाने को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 6 बाउंसरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
बसपा कार्यकाल में शशिभूषण लाल सुशील गाजियाबाद और बुलंदशहर के डीएम रह चुके हैं। वर्तमान में वह लखनऊ में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं। शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह क्रासिंग्स रिपब्लिक में रहने वाले अपने परिचित से मिलने गए थे।
निजी कार पर पार्किंग पास न लगा होने से गेट पर निजी सुरक्षा कर्मियों ने कार को मेन गेट पर ही रुकवा दिया। सुरक्षा में तैनात छह बाउंसरों ने भी उनके साथ अभद्रता की।
एसओ ने बताया कि अभद्रता करने वाले सुरक्षा कर्मी सूरज, विक्की, योगेंद्र, मदनमोहन, सुंदर और जयप्रकाश को मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर में जेल भेजा है।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने की सुरक्षाकर्मियों की पैरवी-सोसायटी की सिक्योरिटी में तैनात सुरक्षा बाउंसरों की गिरफ्तारी के विरोध में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी थाने पहुंचे।
उनका कहना था कि सोसायटी में चोरी होने की वारदातों के चलते सिक्योरिटी गार्ड मुस्तैद किए गए है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि सिक्योरिटी गार्ड ने अपनी ड्यूटी निभाई। किसी से कोई बदतमीजी नहीं की गई। उनका कोई दोष नहीं है।