रवीन्द्र भवन दीर्घा आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में मंगोलिया, इस्राइल, हंगरी, अल्जीरिया, स्पेन, वियतनाम सहित कई अन्य देशों के राजदूत, कला विभाग के प्रमुख व बड़ी संख्या में कलाकार, कला प्रेमी, इतिहासकार, आलोचक समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग मौजूद थे।
ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित 63वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी सोमवार से कला प्रेमियों के खोल दी गई। प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी ने मंडी हाउस पर कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य समारोह में इसका उद्घाटन किया। ललित कला अकादमी के अध्यक्ष प्रो वी नागदास की अध्यक्षता में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक चंद्रप्रकाश द्विवेदी सम्मानित अतिथि और जानेमाने कलाकार वासुदेव कामत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।
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रवीन्द्र भवन दीर्घा आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में मंगोलिया, इस्राइल, हंगरी, अल्जीरिया, स्पेन, वियतनाम सहित कई अन्य देशों के राजदूत, कला विभाग के प्रमुख व बड़ी संख्या में कलाकार, कला प्रेमी, इतिहासकार, आलोचक समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग मौजूद थे। इस दौरान 20 कलाकारों को ललित कला अकादमी की ओर से हर साल मिलने वाला राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी कलाकारों को एक शॉल, प्रशस्ति प्रमाण पत्र और दो लाख रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही अकादमी का सचित्र कैटलॉग भी जारी किया गया।
मनोज जोशी ने कहा कि ललित कला अकादमी भारतीय कला परिदृश्य को निरंतर नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। अकादमी के अध्यक्ष प्रो. वी. नागदास ने कहा कि ललित कला अकादमी युवा प्रतिभाओं को खोजने, उन्हें अवसर प्रदान करने और उन्हें पर्याप्त पुरस्कार देने के लिए काम कर रहे हैं। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि सच्चे कलाकार के लिए जीवन भर संघर्ष बना रहता है। वासुदेव कामत ने कहा कि एक कलाकार के रूप में उसकी दृढ़ता ही सफलता की कुंजी है।