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Delhi: भारतीय पासपोर्ट से बांग्लादेशी नागरिक कर रहा था विदेशों की यात्रा, दस्तावेज की जांच में हुआ खुलासा

Tue, 29 Aug 2023 05:21 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इमिग्रेशन अधिकारी की शिकायत पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। उसकी पहचान चिटगांव बांग्लादेश निवासी अनुपम बरुआ के रूप में हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत में फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाकर एक बांग्लादेशी नागरिक लगातार विदेश यात्राएं कर रहा था। इसका खुलासा उस समय हुआ जब दक्षिण कोरिया की सुरक्षा एजेंसियों ने अधिक समय तक देश में रुकने के कारण उसे पकड़ कर भारत में डिपोर्ट कर दिया। दिल्ली हवाई अड्डे पर उसके दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

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इमिग्रेशन अधिकारी की शिकायत पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। उसकी पहचान चिटगांव बांग्लादेश निवासी अनुपम बरुआ के रूप में हुई है। जबकि उसने भारतीय पासपोर्ट नागपुर निवासी अनुपम चौधरी के नाम से बनवा रखा था।

हवाई अड्डे के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 25 अगस्त को अनुपम चौधरी नाम का नागरिक इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचा। जांच में पता चला कि उसे दक्षिण कोरिया से डिपोर्ट किया गया है। दस्तावेज की जांच के दौरान उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड के साथ साथ बांग्लादेशी पासपोर्ट मिला। उसने बताया कि वह मूलत: बांग्लादेश का नागरिक है। वह बांग्लादेशी पासपोर्ट के जरिए हरिदासपुर बार्डर से भारत आया। एक दिन कोलकाता में रुकने के बाद वह बिहार के बोधगया गया। जहां वह दो दिनों तक बौद्ध मठ में रुका। फिर वह नागपुर महाराष्ट्र चला गया। जहां उसकी मुलाकात एजेंट जय कुमार से हुई। उसकी मदद से उसने भारतीय आधार कार्ड और पैन कार्ड हासिल किया।
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इन दस्तावेजों की मदद से उसने फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया। इसके लिए उसने एजेंट को 20 हजार रुपये दिए। इसके बाद वह अवैध रूप से बांग्लादेश में घुस गया। फिर साल 2016 में वह हरिदासपुर बार्डर से भारत आया। भारत में तीन माह रहने के बाद वह वापस बांग्लादेशी पासपोर्ट के जरिए बांग्लादेश चला गया। तीन माह बाद फिर वह बांग्लादेशी पासपोर्ट की मदद से भारत आ गया और दो माह भारत में रहने के बाद थाईलैंड चला गया। जहां एक माह रहने के बाद वह वापस भारत आ गया। फिर वह बांग्लादेश चला गया। तीन माह बाद फिर वह भारत आ गया।

साल 2017 के बाद से नहीं गया बांग्लादेश
जांच में पता चला कि आरोपी साल 2017 के बाद से बांग्लादेश वापस नहीं गया। पासपोर्ट की जांच में पता चला कि उसके बाद वह भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर दक्षिण कोरिया चला गया। आरोपी ने बताया कि वह वहां मजदूरी करने लगा। दक्षिण कोरिया में सुरक्षा कर्मियों ने देश में अधिक समय तक रुकने के कारण उसे पकड़ लिया और उसके पास भारतीय पासपोर्ट होने की वजह से उसे भारत में डिपोर्ट कर दिया। नागरिक के खिलाफ पुलिस ने भारतीय इमिग्रेशन को धोखा देने और धोखाधड़ी से भारतीय पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज प्राप्त करने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी नागरिक से पूछताछ कर उसे पासपोर्ट मुहैया करवाने वाले एजेंट की तलाश शुरू कर दी है।

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