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60 हजार ऑटोमोबाइल कंटेनरों का भविष्य दांव पर

Sat, 03 Jan 2015 08:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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ऑटोमोबाइल सेक्टर में चल रहे प्रदेश के 60 हजार कंटेनरों का भविष्य दांव पर लग गया है। सरकार के फरमान के बाद से इन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। इससे ऑटोमोबाइल कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन सदमे में है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वह फिटनेस सर्टिफिकेट देने का काम फिर से शुरू करने का आदेश दे। नहीं तो इसका प्रभाव रोजगार और डिमांड एंड सप्लाई चेन पर नकारात्मक पड़ेगा।
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हरियाणा में नई सरकार के परिवहन आयुक्त अशोक खेमका मारुति, होंडा, सुजुकी मोटर साइकिल, हीरो मोटोकॉर्प और होंडा जैसी कंपनियों को सर्विस देने वाली ट्रकों पर शिकंजा कस दिया है। इससे कंटेनरों के संचालक काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा हजारों लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

इससे उन लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी जिन्होंने लोन लेकर कंटेनर खरीदे हैं। ऑटोमोबाइल कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव दमन दिवान ने बताया कि पिछले 30 वर्षों से गुड़गांव और हरियाणा के ऑटोमोबाइल सेक्टर को 60 हजार कंटेनर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब तक किसी सरकार को इनसे परेशानी नहीं हुई।
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दमन दिवान ने बताया अशोक खेमका का कहना है कि यह सभी कंटेनर ओवर साइज हैं। जो कॉमर्शियल मोटर व्हीकल एक्ट के हिसाब से नहीं हैं। दिवान ने बताया कि परिवहन आयुक्त का स्पष्ट आदेश है कि इसकी साइज को कम किया जाए। दिवान ने बताया कि साइज कम करना आसान नहीं होगा। न ही यह किसी समस्या का अंतिम हल है।

इससे मुसीबत और बढ़ जाएगी। दिवान का कहना है कि जब 1985 में कॉमर्शियल मोटर व्हीकल एक्ट बना था तो इस प्रकार के कंटेनरों के बारे में कोई उल्लेख नहीं था। अगर ट्रांसपोर्टर साइज छोटी भी कराना चाहे तो इसका पैमाना क्या होगा। यह बताने वाला कोई नहीं है। हरियाणा सरकार की ओर से ऐसी समस्या खड़ी कर दी गई है जिसका कोई हल नहीं दिखता है।

नहीं पहुंच पाएंगी गाड़ियां
ऑटोमोबाइल कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने बताया कि कुछ 60 हजार गाड़ियों में से 78 प्रतिशत का रजिस्ट्रेशन गुड़गांव से है। क्योंकि गुड़गांव में ही मारुति, होंडा, हीरो मोटोकार्प, सुजुकी मोटरसाइकिल और बजाज सहित अन्य कंपनियां हैं। यहां से बड़ी संख्या वाहन देश के कोने काने में जाती हैं। अगर कंटेनरों का चलना बंद हो गया तो डिमांड सप्लाई चेन टूट जाएगा।   

छोटी गाड़ियों से बढे़गा सड़कों पर दबाव
ऑटोमोबाइल कैरियर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर कैटराें की साइज को कम किया गया तो एक के स्थान पर सड़कों पर तीन गाड़ियां दौड़ेंगी। अभी एक कंटेनर में 78 बाइक आती हैं। साइज छोटी होने से एक कंटेनर में 19 से 20 गाड़ियां आएंगी। वहीं कारों की स्थिति भी ऐसी ही रहेगी। अभी एक कंटेनर में पांच गाड़ियां आती है छोटी होने पर एक में दो ही कारें आएंगी। 
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