अगर कोई आपको हज या उमरा कराने का आश्वासन देता है तो उसकी पूरी तस्दीक कर लें। फर्जी वेबसाइट पर उमरा और हज कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले सक्रिय हैं।
गाजियाबाद के 50 से ज्यादा लोगों से करीब 20 लाख रुपये ऐसे ही जालसाजों ने ठग लिए हैं। मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर जिले के भी काफी लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
इस गैंग के एक जालसाज को पीड़ितों ने ही इंदिरापुरम के न्यायखंड से दबोचा है। विजयनगर पुलिस उससे गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है। पीड़ितों ने थाने पहुंचे डीआईजी के सत्यनारायण के सामने भी ठगी होने की शिकायत रखी।
ठगी का शिकार हुए अधिवक्ता मोहसिन अलवी, औसाफ, तहसीन, लईक, शरीफ और जहीर ने बताया कि वे डासना गेट, इस्लामनगर, मोहननगर और हिंडन विहार के रहने वाले हैं। जनवरी में उमरे (हज) के लिए पंफलेट पर लिखे नंबरों और वेबसाइट पर संपर्क किया था।उनके परिवार और रिश्तेदारों समेत 50 से ज्यादा लोगों से उमरे के नाम पर करीब
20 लाख रुपये ले लिए गए। उन्हें टिकट भी दिए गए। मगर जब उमरे पर जाने की बारी आई तो वेबसाइट संचालक के मोबाइल बंद हो गए। वेबसाइट और टिकट के बारे जानकारी की तो पता चला कि उनसे धोखा हुआ है। काफी तलाश के बाद भी आरोपी नहीं मिला।
अमर उजाला ने पहुंचाया जालसाज तक
पीड़ितों ने बताया कि छह अप्रैल को अमर उजाला के पेज नंबर 10 पर ‘सस्ते टूर पैकेज के नाम पर ठगी’ करने वाला एक दिल्ली में गिरफ्तार संबंधी खबर छपी थी।
वे दिल्ली पहुंचे और थाने से जालसाज का पता और डिटेल ली तो पता चला कि पकड़ा गया ठग उसी का रिश्तेदार है, जिसने उनके साथ ठगी की है। इस तरह उन्होंने इंदिरापुरम के न्यायखंड से उसे दबोचा।