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पाकिस्तानी हथियारों से लैस बदमाशों से मुठभेड़ में चलीं 50 गोलियां, चार गिरफ्तार

Fri, 09 Oct 2020 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : amar ujala
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रोहिणी का खेड़ा गांव और उसके आसपास का इलाका बुधवार रात करीब 3:30 बजे गोलियां की तड़तड़ाहट से दहल उठा। दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मौके पर 50 से ज्यादा गोलियां चलीं। स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद चार गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाशों की गोलियों से इंस्पेक्टर समेत दो अधिकारी बाल-बाल बच गए। 

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पकड़े गए बदमाशों की पहचान नजफगढ़ निवासी सुनील उर्फ सोनू मित्राऊं (23), गुरुग्राम निवासी अमित उर्फ कालू (26), मानेसर निवासी रोहित उर्फ लांडा (23) और गुरुग्राम निवासी रविंद्र यादव उर्फ
सरकार (31) के रूप में हुई है। इनमें से अमित की गिरफ्तार पर 50 हजार का इनाम घोषित था। पकड़े गए बदमाशों के पास से चार पाकिस्तानी पिस्टल भी बरामद हुए हैं। 
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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार ने बताया कि साउथ-वेस्टर्न रेंज में तैनात इंस्पेक्टर मानसिंह को सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी- सुबे गुर्जर गिरोह के चार बदमाश विरोधी गिरोह के बदमाशों की हत्या करने रोहिणी आएंगे। पुलिस की कई टीमों ने बुधवार रात 3:30 बजे रोहिणी के सेक्टर-26 में स्थित खेड़ा गांव के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस ने खेड़ा गांव की तरफ से आ रही पोलो कार को रुकने का इशारा किया तो उसने स्पीड बढ़ा दी। पुलिस की इनोवा कार को पोलो कार के आगे लगाया तो बदमाशों ने इनोवा कार में टक्कर मार दी। 

कार रुकने के बाद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की इनोवा कार में तीन गोली लगीं। बदमाशों की गोलियां से इंस्पेक्टर मानसिंह व एसआई रवि राणा बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। जिसमें चारों बदमाश घायल हो गए। 

बदमाशों ने चलाई 22 गोलियां 
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके पर 50 से ज्यादा गोलियां चलीं थीं। जिसमें बदमाशों ने 22 गोलियां चलाईं। बदमाशों के पास से 6 पिस्टल और 56 कारतूस बरामद हुए हैं। जिनमें चार पिस्टल
पाकिस्तानी हैं। 

बदला लिया तो अपराध के रास्ते पर चल पड़ा
मित्राऊं गांव निवासी सुनील गहलोत उर्फ सोनू को ढिचाऊ गांव निवासी उसके दोस्त सोनू ने उसे वर्ष 2019 में पीट दिया था। इसके बाद वह अमित उर्फ कालू के साथ बसई गांव, गुरुग्राम में रहने वाले रिश्तेदार के यहां चला गया था। कालू के साथ मिलकर सोनू की हत्या कर दी। कालू के दोस्त संजू की गांव के ही मोनी व जॉइन ने हत्या कर दी थी। दोस्त की हत्या करने के बाद इसने कई हत्याएं की और सुबे गुर्जर के संपर्क में आया। इसके बाद ये इस गिरोह में शामिल हो गया।

रोहित भी अपने गांव को छोड़कर बसई गांव में अमित उर्फ कालू के साथ रहने लगा। गुरुग्राम में हत्या मामले में ये गिरफ्तार हुआ।भोंडसी जेल में इसने श्रवण के साथ मिलकर एक कैदी की हत्या कर दी थी। जेल से बहार आने के बाद ये रंगदारी मांगने लगा। मई, 20 में इसे दोस्त वीरेंद्र उर्फ कालू ने इसकी हत्या करने की कोशिश की।
इसके बाद ये काला-जठेड़ी गिरोह में शामिल हो गया। 

लॉकडाउन के बाद मांगी थी पांच करोड़ की रंगदारी 
लारेंस बिश्रोई-काला जठेड़ी-सुबे गुजर गिरोह ने हाल में कई वारदात को अंजाम दिया है। लॉकडाउन के बाद फायरिंग कर दिल्ली में एक करोड़ से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी। गिरोह के बदमाश चिट्ठी
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भेजकर रंगदारी मांगते थे। साथ ही धमकाने व रंगदारी मांगने के लिए फेसबुक समेत सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे। 

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