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पोस्ट कोविड इफेक्टः पांच फीसदी मरीजों में नहीं लौटी सूंघने और स्वाद की क्षमता

Fri, 09 Oct 2020 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
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demo pic... - फोटो : PTI
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कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद भी लोगों में कई प्रकार की परेशानियां बनी हुई है। इनमें करीब पांच फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जिनकी ठीक होने के ढाई महीने बाद भी सूंघने और स्वाद की क्षमता वापस नहीं लौट रही है। डॉक्टर भी मरीजों को यह नहीं बता पा रहे हैं कि यह स्थिति उनके साथ कब तक बनी रहेगी। 

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संक्रमण से ठीक होने के बाद भी जिन लोगों को समस्याएं हो रही हैं उनके लिए दिल्ली सरकार के राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में पोस्ट कोविड क्लीनिक शुरू किया गया था। अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन बताते हैं कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित कुछ मरीजों में सूंघने की क्षमता चले जाना या स्वाद का न आना जैसे लक्षण होते हैं। 

ठीक होने के बाद भी इन समस्याओं का बना रहना पोस्ट कोविड इफेक्ट कहलाता है। अस्पताल में 23 जून को शुरू हुए क्लीनिक में अभी तक 250 से ज्यादा लोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं के इलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें 5 फीसदी मरीज ऐसे भी हैं जिनकी ढाई महीने से सूंघने और स्वाद की क्षमता वापस नहीं लौटी है। 
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उन्होंने कहा कि सूंघने के अलावा थकान, बदन दर्द और सांस लेने में तकलीफ की समस्या वाले लोग भी आ रहे हैं। इनमें 60 फीसदी लोगों को ठीक होने के बाद थकान की शिकायत बनी हुई है। डॉ. जैन ने कहा कि बड़ी संख्या में ठीक हुए मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आती है, लेकिन जिन्हें भी परेशानी आ रही है। उनमें यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, हालांकि धीरे-धीरे कुछ मरीज पहले से बेहतर हो रहे हैं , लेकिन वह पूरी तरह कब तक ठीक होंगे इसके विषय में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

गंभीर रूप से बीमार हुए मरीजों को ज्यादा परेशानी
डॉक्टर के मुताबिक, क्लीनिक में आए कई लोग ऐसे हैं, जो संक्रमण के समय गंभीर रूप से बीमार थे। अधितकर ऐसे लोगों को ही परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग चार महीने पहले सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता गवा चुके थे। वह थोड़ा ठीक हो रहे हैं,लेकिन अभी भी पुरानी स्थिति में नहीं आए हैं।

दिल्ली -एनसीआर से बाहर के लोग भी इलाज के लिए आ रहे हैं
डॉक्टर जैन ने बताया कि क्लिनिक में दिल्ली और एनसीआर के बाहर से भी लोग इलाज के लिए आ रहे हैं बाहर से आने वाले 10 मरीजों में भी यह समस्या देखी गई है।मेरठ  से आए 30 वर्षीय मनोज ने बताया कि करीब डेढ़ महीने  वे ठीक होकर अस्पताल से घर लौटे थे। लेकिन अभी भी उन्हें किसी की भी चीज को चखते समय कोई स्वाद नहीं आ रहा है। यह समस्या लगातार बनी हुई है।

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