एक ओर गायों के संरक्षण और मॉब लिंचिंग को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी के छावला इलाके के घुम्मनहेड़ा की आचार्य सुशील गोशाला में 36 गाय मृत मिली हैं। दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने इस घटना को गंभीर बताते हुए 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट अधिकारियों से तलब की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृत मिली गायों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गाय कैसे और किन हालातों में मरी हैं? इसकी जांच के लिए पशुपालन विभाग की टीम जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस इसमें आगे की कार्रवाई करेगी।
दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित घुम्मनहेड़ा इलाके में वर्ष 1995 से आचार्य सुशील गोशाला संचालित है। शुक्रवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में गायों के मृत मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की। पुलिस के अनुसार गोशाला करीब 20 एकड़ में फैली हुई है। यहां पुलिस को करीब 1400 गाय मिली हैं, इनमें से 36 मरी हुई पाई गई हैं। प्रथम दृष्टया किसी बीमारी की वजह से इनके मरने की आशंका है। हालांकि बड़ा सवाल है कि मौत के बावजूद इन गायों का समय रहते दफनाया क्यों नहीं गया?
द्वारका पुलिस के डीसीपी एंटो अल्फोंस का कहना है कि इस घटना की जांच के लिए पशुपालन विभाग की टीम को सूचना दी गई थी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार शाम तक रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
गोशाला में न डॉक्टर, न देखरेख
तीन दर्जन गाय मरी हुई मिलने की सूचना ने पूरे इलाके में खलबली सी मचा दी है। वहीं गोशाला के आसपास के लोगों का कहना है कि यहां न तो डॉक्टर है और न ही पशुओं की देखरेख के लिए कोई कर्मचारी। हालांकि पुलिस का भी यही कहना है कि उन्हें गोशाला में 20 मजदूरों के ही काम करने की जानकारी है। इतना ही नहीं आसपास के लोगों की मानें तो गोशाला में गायों के खानपान को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं है।
गायों पर मिलता है दान, चारों ओर दलदल
लोगों की मानें तो 20 एकड़ में फैली इस गोशाला दिल्ली नगर निगम की ओर से गायों पर काफी दान भी मिलता है। बावजूद इसके यहां बंदोबस्त न के बराबर हैं। वहीं गोशाला के कुछ हिस्से को छोड़ दें तो बाकी पूरी जमीन किसी दलदल से कम नहीं दिखती। गोशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था भी देखने को नहीं मिली। चारों ओर गंदगी का आलम है। गंदे पानी की वजह से यहां मच्छर और कीट पतंगों का प्रभाव भी अत्यधिक है।
क्या कहते हैं सरकार-अधिकारी
गायों के मृत अवस्था में मिलने की जानकारी मिली है। इस पर तत्काल जांच कर रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर देने के निर्देश जारी किए हैं। दोषियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
- गोपाल राय, विकास मंत्री
इस तरह से गायों का मृत अवस्था में मिलना वाकई शर्मनाक है। ये गोशाला दिल्ली सरकार के अधीन आती है। दिल्ली नगर निगम की ओर से गायों को यहां भेजा जाता है। जबकि इसके संचालन से लेकर देखरेख की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है।
- नरेंद्र चावला, मेयर, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम
गोशाला के संचालकों, मजदूरों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई है। पशुपालन विभाग की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। वहीं मृत गायों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मरने की वजह पता चलने और पशुपालन विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
- एंटो अल्फोंस, डीसीपी, द्वारका
जानकारी मिलने के बाद इस घटना पर विभागीय जांच गठित की है। सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद ककरौला, नजफगढ़, गोयला डेयरी, दिचाऊं कलां, नंगली डेयरी और छावला इलाके के पशु चिकित्सालयों के डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी।
- कुलदीप सिंह गांगर, विशेष विकास आयुक्त, दिल्ली सरकार