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इन तीन मंत्रालयों से लीक हो रहे थे दस्तावेज

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गोपनीय दस्तावेज चुराकर बेचने वाला गिरोह पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय समेत इन मंत्रालयों केसभी विभागों में फैला था। सीधे शब्दों में कहें तो गिरोह पूरे एनर्जी सेक्टर से गोपनीय दस्तावेज चुरा रहा था। दिल्ली पुलिस की जांच में ये स्पष्ट हो गया है कि गोपनीय जानकारी लीक होने से पेट्रोल व एनर्जी से जुड़े उत्पादों व टेंडरिंग पर प्रभाव पड़ता था।
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पेट्रोल आदि के दाम कम व ज्यादा होने की जानकारी कंपनियों को पहले ही मिल जाती थी। इससे कंपनियां अपने मुनाफे वाले फैसले पहले ही कर लेती थीं। इस तरह टेंडर आदि में भी कंपनियों को टेंडर के बेसिक दाम व अन्य गोपनीय जानकारी पहले ही मिलने से वे रणनीति बना लेतीं थीं।
दिल्ली पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि बड़ी कंपनियां अपनी फायदे के लिए गोपनीय जानकारी हासिल करती थीं। रिलायंस, एसआर ऑयल के अलावा निर्माण से जुड़ी कंपनियों को भी गोपनीय जानकारी बेची जाती थी।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनमें गैमन व जीएमआर आदि निर्माण से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी करीब 200 से 250 कंपनियों को गोपनीय दस्तावेज व जानकारी बेचते थे। कुछ कंपनियां कंसल्टेंसी एजेंसियों के जरिये जानकारी जानकारी लेती थीं। गोपनीय जानकारी लेने वाली ज्यादातर पेट्रोलियम व कोयले से जुड़ी कंपनियां हैं। पुलिस अब सभी कंपनियों के अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ कर रही है।
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दो तरीके से गोपनीय दस्तावेज देता था

अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि  ये दो तरीके से गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बेचते थे। पहला तरीका ये था कि गिरोह के सदस्य सीधे किसी व्यक्ति को गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बेचते थे। दूसरा, आरोपी सीधे कंपनियों को गोपनीय दस्तावेज बेचते थे। आरोपियों को गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में रकम नगद मिलती थी।

वेबसाइट पर राय देते थे
गिरोह के सदस्यों से कंसल्टेंसी चलाने वाले लोग भी गोपनीय जानकारी व दस्तावेज लेते थे। ये लोग इन दस्तावेजों के आधार पर खुद अपनी राय व विचार बनाते थे। इसके बाद ये इस राय व विचार को अपनी वेबसाइट पर डाल देते थे। जो कंपनियां कंसल्टेंसी एजेंसियों से जुड़ी होती थीं वह उनकी राय व विचार पढ़कर अपने फैसले करती थीं। कंसल्टेंसी एजेंसियों की राय व विचार सटीक होता था और कपंनियां इन एजेंसियों पर पूरा भरोसा करती थीं। 
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