जीडीए अफसरों की हीलाहवाली से शहर के करीब 2500 घरों पर सीलिंग का खतरा मंडरा रहा है। जीडीए अधिकारियों ने शहर के आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया है। इस दायरे में जीडीए की आवासीय कालोनियों के घरों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले मकान भी आ गए हैं।
इनमें व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन लीड डीड का भी उल्लंघन है। जीडीए ने नोटिस जारी कर उन पर सुनवाई शुरू कर दी है। करीब एक माह तक सुनवाई चलेगी। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट के आदेश पर जीडीए के आठ जोन में हुए सर्वे में 8145 मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिली हैं।
जीडीए ने ऐसे सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इस पर व्यापारी संगठन और राजनीतिक दलों ने वर्षों पुराने प्रतिष्ठान और बाजार होने का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की है। ओएसडी डीपी सिंह ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में जारी नोटिस पर रोज सुनवाई हो रही है।
सुनवाई पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी। जीडीए कालोनियों में बने प्रतिष्ठान लीड डीड की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। आवासीय लैंडयूज में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन लीड डीड का उल्लंघन है।
खुद ही दुकानें बंद कर रहे लोग
आवासीय क्षेत्र में दुकान खोलकर जीडीए के निशाने पर आए लोग नोटिस की सुनवाई के दौरान दुकानें बंद करने की बात कह रहे हैं। बुधवार को कई लोगों ने ये प्रस्ताव रखा। इस पर अधिकारियों ने दुकान बंद करने के बाद की फोटो सहित शपथपत्र देने पर कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया।
व्यापारियों ने गठित की कोर कमेटी
नोटिस भेजे जाने के विरोध में व्यापारी लामबंद हैं। व्यापारियों ने विरोध करने के लिए 21 सदस्यीय कोर कमेटी गठित की है। कमेटी की संस्तुति पर संघर्ष की रणनीति बनेगी।