प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता और प्लास्टिक पर पाबंदी अभियान को धार देने के लिए दिल्ली के नगर निगमों ने सख्ती और तेज कर दी है। निगम अब थूककर सड़कों को गंदा करने वालों पर भी जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को दक्षिणी निगम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 20-25 लोगों पर सड़कों पर थूकने के आरोप में जुर्माना लगाया। निगम की टीम ने सभी से मौके पर ही जुर्माना राशि वसूली। साथ ही भविष्य में ऐसा नहीं करने की नसीहत भी दी।
पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं विभाग (डेम्स) के निदेशक दिलीप रमनानी ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय स्तर पर एमसीडी एक्ट के तहत सड़क पर थूकने वालों पर कार्रवाई की जाती है। जुर्माने की राशि मौके पर तय की जाती है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। शहर को साफ रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है।
इसके अलावा निर्माण गतिविधियां, पत्ते और कचरा जलाने, कूड़ा फेंकने या नालों में गंदगी डालने, एनजीटी और एमसीडी एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में 189 चालान किए गए। ठोस कचरा, प्लास्टिक रबर के जलाने पर भी कार्रवाई की जा रही है। प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए रात्रि पेट्रोलिंग टीमें भी गठित की गई हैं। सड़कों से धूल हटाने के लिए वाटर स्प्रिंकलर से पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है।
मध्य क्षेत्र में निर्माण और वायु प्रदूषण के 112 चालान करते हुए 40 हजार का जुर्माना किया गया। नजफगढ़ क्षेत्र में 42, पश्चिमी क्षेत्र में आठ, दक्षिणी क्षेत्र में 27 चालान किए गए। इन लोगों से बतौर जुर्माना 212400 रुपये वसूले गए जबकि 41 साइटों का भी निरीक्षण किया गया।
उधर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने बढ़ते वायु प्रदूषण पर शिकंजा कसते हुए 377 चालान किए। खुले में कूड़ा जलाने, सड़कों और निर्माण कार्यों से पैदा हुए धूल और कूड़ा जलाने के मामले में चालान करते हुए 24.48 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए उत्तरी निगम ने 1279 जगहों का निरीक्षण किया।
इस दौरान निर्माण गतिविधियां और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की गई। खुले में कूड़ा जलाने के 89, निर्माण कार्यों की वजह से पैदा होने वाले धूल के मामले में 96, रोड से पैदा होने वाले धूल के लिए 88 जबकि खुले में मलबा डालने पर 104 चालान किए गए हैं।