टीबी की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास के बावजूद इस रोग पर रोक नहीं लग पा रही है। गाजियाबाद में दो हजार मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें टीबी है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पश्चिमी यूपी के छह जिलों से 60 ऐसे मरीज भी मिले, जो टीबी की दूसरी स्टेज (एमडीआर) से ग्रस्त हैं। कमोबेश यह हाल देश भर का है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर साल तीन लाख से अधिक लोग टीबी की वजह से मर रहे हैं।
अब केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत ढाई लाख की आबादी पर एक टीबी यूनिट (क्षय रोग इकाई) शुरू की जाएगी। नए मानकों के अनुसार गाजियाबाद में 16 नए टीबी यूनिट खोले जाएंगे।
टीबी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत टीबी मरीजों की जल्द से जल्द जांच और सभी को दवा मिलने पर जोर दिया जाता है। कई दूरदराज क्षेत्रों में टीयू (टीबी यूनिट) की दूरी अधिक होने के कारण टीबी से संक्रमित लोग वहां पहुंच नहीं पाते थे या फिर लेट लतीफी कर जाते हैं।
इसलिए प्रत्येक जिले में आबादी के अनुसार टीयू स्थापित किए जाएंगे। गाजियाबाद से 16 टीबी यूनिट का प्रस्ताव भेजा गया था। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि इसी मानकों के अनुसार जनपद में टीबी यूनिट खोले जाएंगे, केंद्र से इसकी मंजूरी मिल गई है।