आवास विकास परिषद ने वसुंधरा के 139 मकानों का सीवर-पानी बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह वह आवास हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
आविप ने इसके लिए नगर निगम अफसरों से सहयोग मांगा था। निगम अब सोमवार से कार्रवाई शुरू करेगा। परिषद की कालोनियों में व्यावसायिक कार्य स्कूल, चिकित्सा, परचून की दुकान, कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
कई एकल इकाइयों वाले मकानों पर फ्लैट किराए पर दे दिए और कुछ ने तो बिक्री तक कर दी है। परिषद के अधिशासी अभियंता मो. अली सफदर ने नगर आयुक्त को भवन स्वामियों की सूची सौंपकर सीवर-पानी बंद करने का निर्णय लिया है। जलकल विभाग के एक्सईएन आरके यादव ने बताया कि सोमवार से केकनेक्शन काटे जाएंगे।
शहरी क्षेत्र में अब नहीं लगेंगे सबमर्सिबल
सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथारिटी की सिफारिश पर डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंप लगाने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही एडवाइजरी कमेटियों को हर माह बैठक कर ग्राउंड वाटर लेबर की निगरानी के आदेश किए गए हैं।
यूपी के करीब 22 जिले डार्क जोन में शामिल हो गए हैं। इनमें गाजियाबाद भी है। यहां सबमर्सिबल और नलकूप लगाने के लिए डीएम की परमिशन अनिवार्य कर दी गई है
अथारिटी ने हर जिले मेें एडवाइजरी कमेटी गठित करने के आदेश दो साल पहले दिए थे। भूगर्भ वैज्ञानिक डा. नवीन कुमार दास ने बताया कि आदेश तत्काल लागू हो गया है। इसकी निगरानी के लिए सभी विभागों, पार्षदों और सामाजिक संस्थाओं को पत्र लिखा गया है।