11 दिन पहले घर छोड़कर चले गए ऋषभ ने बीकानेर में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों ने बीकानेर जाकर कपड़ों और फोटोग्राफ से पहचान की। गाजियाबाद के कविनगर पुलिस भी परिजनों के साथ गई थी। ऋषभ डीडीपीएस का 12वीं का छात्र था।
स्कूल में झगड़ा होने के बाद पैरेंट्स के डांटने और मोबाइल छीनने पर 20 जुलाई को घर से चला गया था। अगले दिन अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर कमेंट्स किया था कि ‘मुझे पछतावा है, पर घर नहीं आऊंगा।’
एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि इस कमेंट्स के कुछ देर बाद ही उसने सुसाइड कर लिया था। ऋषभ डीडीपीएस संजयनगर में पढ़ता था।
परिवार के साथ मैनापुर गांव में रहता था। पिता हरेंद्र रावत एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। 19 को ऋषभ की क्लासमेट से लड़ाई हुई थी। 20 जुलाई को प्रिंसिपल ने पिता को बुलाकर शिकायत की थी।