सवाल- खास सड़कों को छोड़ दें तो बाकी दिल्ली में क्या काम हुआ?
जवाब- एमसीडी-311 एप के जरिये 12 हजार से अधिक कूड़ा प्वाइंट को चिह्नित कर स्थायी तौर पर साफ किया है। पहले ही एमसीडी के सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए थे कि दिल्ली के सभी वनरेबल गार्बेज पॉइंट को 311 ऐप के माध्यम से ढूंढे़ और उन्हें स्थायी तौर पर हटाएं। अब उन प्वाइंट्स को बेहतरीन ढंग से साफ कर दिया गया है।
सवाल- सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कर्मचारियों के अलावा कितनी मशीनरी लगाई है?
जवाब- हमारे पास करीब 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें हैं, जो दिल्ली की सड़कों को साफ कर रही हैं। इसके लिए सड़क के किनारे टिपर्स भी लगाए गए हैं। दिल्ली के 12 जोन में जहां-जहां मलबा है, वहां ट्रक लगाए गए हैं। हमारी पूरी टीम उस मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि दिल्ली के किसी भी कोने में मलबा ना रह जाए।
सवाल- चौक चौराहों के सौदर्यीकरण के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
जवाब- जी-20 के मद्देनजर पूरी दिल्ली में सभी सड़कों और चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके लिए निगम ने उद्यान विभाग की टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग जगह ड्यूटी कर रही हैं। टीमें पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी को निभा रही हैं और दिल्ली को सुंदर बनाने की कोशिश में लगी हैं।
सवाल- पब्लिक टॉयलेट्स को बेहतर करने के लिए क्या किया गया है?
जवाब- दिल्ली के हर कोनों में एंटी मलेरिया की दवाई का छिड़काव किया जा रहा है। दिल्ली के सभी पब्लिक टॉयलेट्स को बेहतरीन ढंग से साफ किया गया है। दिल्ली के प्रगति मैदान में जी-20 समिट की मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। इसके कारण से दिल्ली एमसीडी ने प्रगति मैदान के आस-पास के तीनों ड्रेनों की सफाई की है। अगर बारिश आती है तो जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होगी।
सवाल- मेयर होने के नाते दिल्ली में वो कौन से बदलाव आप देखना चाहेंगी?
जवाब- सीएम केजरीवाल के गुड गवर्नेंस को देखते हुए दिल्ली की जनता ने निगम में आप पार्टी की सरकार बनाई है। चुनाव से पहले हमने दस गारंटी दी थी, एक-एक कर इन्हें पूरा कर रहे हैं। दिल्ली अब पहले से ज्यादा साफ सुथरी है, दिल्ली अब पहले से सुंदर दिखेगी। तीनों लैंडफिल साइटों पर चौबीस घंटे बायोमाइनिंग हो रही है। इनकी ऊंचाई कम हुई है। एमसीडी स्कूलों गुड एजुकेशन लेकर आए हैं।
सवाल- सफाई कर्मचारी और माली हैं ही नहीं, दिल्ली कैसे चमकेगी?
जवाब- एमसीडी सालों से आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इसलिए सालों से सफाई कर्मियों और मालियों की भर्ती हुई नहीं है। हम एमसीडी की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। दिल्ली के नागरिकों को संपत्तिकर जमा करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। दिल्ली की सभी संपत्तियों की जियो टैगिंग की जा रही है। आने वाले दिनों में एमसीडी को ज्यादा संपत्तिकर मिलने की उम्मीद है। दिल्ली नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधरते ही कर्मचारियों की भर्ती शुरू की जाएगी।