एआईआईए और ईको राजपूत की पहल, औषधीय पौधों पर शोध के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और 132 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको राजपूत ने नई पहल शुरू की है। दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस स्थित टेरियर्स हर्बल गार्डन में अश्वगंधा के 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की वृद्धि, जलवायु के अनुकूलन और पर्यावरण पर प्रभाव का नियमित अध्ययन किया जाएगा।
कार्यक्रम का नेतृत्व एआईआईए के निदेशक प्रो. वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति और ईको राजपूत के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मोहन सिंह ने किया। प्रो. प्रजापति ने कहा कि पहल के जरिए आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक शोध और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। गार्डन में पहले से करीब 200 औषधीय पौधों की प्रजातियां संरक्षित हैं। एआईआईए इनके वैज्ञानिक प्रबंधन में तकनीकी सहयोग देगा। वहीं, ईको राजपूत खनन प्रभावित और बंजर जमीन को हरा-भरा बनाने में जुटी है।