5 हजार किमी दूर से किया रोबोट नियंत्रित
प्री-क्लिनिकल ट्रायल में विभिन्न सर्जिकल प्रक्रियाएं की गईं
विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में दूरदराज के मरीजों तक विशेषज्ञ सर्जरी पहुंचाने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वैशाली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने चीन के चेंगदू में मौजूद रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम से जुड़कर क्रॉस-बॉर्डर लाइव रोबोटिक टेली-सर्जरी की। भारत में बैठे डॉक्टरों ने करीब 5 हजार किलोमीटर दूर रोबोटिक सिस्टम को नियंत्रित कर सर्जिकल प्रक्रियाएं कीं। यह प्री-क्लिनिकल ट्रायल जानवरों पर किया गया, जिसका उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों तक विशेषज्ञ सर्जरी पहुंचाने की संभावनाओं को परखना था।
इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी के जरिये रोबोटिक सिस्टम की सटीकता जांचना था। यह प्रक्रिया अस्पताल के मिनिमल एक्सेस, बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड विवेक बिंदल के नेतृत्व में हुई। इसे बोर्न्स रोबोटिक्स सिस्टम के सहयोग से पूरा किया गया।
ट्रायल के दौरान पित्ताशय निकालने, पेट की सर्जरी, बच्चेदानी-निकालना और किडनी से जुड़ी सर्जरी शामिल थीं। विवेक बिंदल ने कहा कि इस तकनीक से यह परखने में मदद मिली है कि विशेषज्ञता को भौगोलिक सीमाओं से आगे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इसका इस्तेमाल दूर से सर्जरी के साथ-साथ विशेषज्ञों की टेली-मेंटोरिंग और प्रॉक्टरिंग में भी हो सकता है।
छोटे शहरों के मरीजों को लाभ
भारत में जटिल सर्जरी के विशेषज्ञ मुख्य रूप से बड़े शहरों में उपलब्ध हैं। ऐसे में टियर-दो और तीन शहरों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। टेली-सर्जरी और रियल-टाइम कनेक्टिविटी की तकनीक भविष्य में ऐसे मरीजों तक विशेषज्ञों की मदद पहुंचाने में उपयोगी हो सकती है। अस्पताल के ऑपरेशन्स डायरेक्टर और एनसीआर रीजन-तीन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गौरव अग्रवाल ने इस पर बात की। उन्होंने कहा कि क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक टेली-सर्जरी अभी परीक्षण के चरण में है, लेकिन इसके शुरुआती नतीजे भविष्य की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इस तकनीक का नियमित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए आवश्यक रेगुलेटरी मंजूरी प्राप्त करनी होगी।