पुलिस कंट्रोल रूम में अकसर पीड़ितों का नंबर नहीं लगता है लेकिन वह पुलिस या उनके सिस्टम की नहीं बल्कि कुछ सिरफिरे और मनचलों की हरकत होती है। छह माह में पुलिस कंट्रोल रूम ग्रेनो में हर रोज करीब 100 से 150 कॉल आ रही हैं। उनमें 70 से 80 कॉल परेशान करने वाली होती हैं। इस मामले की शिकायत आला अफसरों से की गई है।
ग्रेटर नोएडा के लोगों की शिकायत रहती है कि पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर व्यस्त रहता है। इससे जब घटना या दुर्घटना होती है तो पुलिस की मदद नहीं मिल पाती। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हर रोज 100 से 150 कॉल आती हैं। इनमें 70 से 80 कॉल मनचले की आती हैं जो महिला कांस्टेबल को परेशान करते हैं। कुछ लोग शराब पीकर ऐसी सूचनाएं देते हैं जो लाइन पर 30 मिनट तक परेशान करते रहते हैं।
एक पुलिस अफसर ने बताया कि दुजाना गांव निवासी योगेश पिछले दिनों कई बार कॉल कर बदमाशों द्वारा मारने के लिए पीछा करने की बात कहता है। पुलिस जब पीसीआर वैन लेकर जाती है तो पता चलता है कि उसने शराब पीकर हंगामा कर रखा है। एक दिन उक्त व्यक्ति ने फोन करके जान का खतरा बताया और जब पीसीआर वैन मौके पर पहुंची तो बताया कि उसे धूममानिकपुर गांव तक छोड़ दिया जाए। कुछ कॉल बच्चों द्वारा की जाती है तो फोन को चालू करके छोड़ देते हैं जिससे अकसर लाइन बिजी रहने लगती है।
इस मामले की शिकायत आला अफसरों से की गई तो उन्होंने ऐसे कॉल करने वालों को चिह्नित करके कार्रवाई करने के लिए योजना बनानी शुरू कर दी है। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो और जरूरत मंद लोगों को समय रहते पुलिस की सहायता मिल सके।