सेक्टर-18 मार्केट में एक दुकानदार के छह माह के बिजली का बिल 14 लाख रुपये से ज्यादा का आया है। बढ़े बिजली बिल से वह तनाव में हैं। वहीं, एक अन्य मामले में बंद दुकान के मालिक ने लगातार बढ़ा हुआ बिल आने की शिकायत की है।
सेक्टर-18 के जी ब्लॉक में बुनियाद बिल्डर के नाम से दीपक की दुकान है। उन्होंने बताया कि बिजली का बिल पृथ्वी राज बत्रा के नाम से आता है। जून से पहले बिजली का औसतन प्रतिमाह बिल 13 से 14 हजार रुपये आता था। लेकिन जून से नवंबर तक का बिल 14,92,000 रुपये आया है। ज्यादा बिल आने से दीपक तनाव में हैं और बिल सही कराने को भागदौड़ में जुटे हैं।
वहीं एक अन्य दुकानदार रोहित बंसल ने बताया कि सेक्टर-18 मार्केट स्थित उनकी दुकान का नीचे का फ्लोर करीब डेढ़ साल से बंद है। ऊपर के फ्लोर में उनके चाचा की दुकान है। नीचे के फ्लोर का बिजली का बिल प्रति माह 5 से 6 हजार रुपये आता था। वहीं अगस्त से बिजली का बिल प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपये के आसपास आने लगा। जब वह लोड कम करवाने के लिए बिजली निगम के कॉल सेंटर गए वहां सितंबर में इतना ही बिल आने की बात कही गई और यह कहा गया कि इसके बाद बिल कम आने लगेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने लोड कम करवाने के लिए क्षेत्र के एसडीओ से भी मुलाकात की लेकिन उनका रवैया टरकाने वाला रहा। बीते दो माह का बिजली का बिल 30,456 रुपये आया गया।
नहीं हो रहा आदेश का पालन
मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार ने बीते समय हुई बैठक में बिजली निगम को आदेश दिया था कि उपभोक्ताओं के बढ़े और गलत बिल नहीं आने चाहिए। जो बिल गलत आ चुके हैं, उनका प्राथमिकता पर समाधान किया जाए। लेकिन उपभोक्ताओं की मानें तो इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है।
मीटर खराब, बदलने को हो रहा टाल मटोल
सेक्टर-50 निवासी सुनीता गुप्ता का कहना है कि उनका बिजली का मीटर खराब है, उसमें लाइट नहीं आ रही है। बिजली निगम की ओर से बारह हजार रुपये से ज्यादा का बिजली बिल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मीटर बदलवाने के लिए कई बार निगम दफ्तर के चक्कर काट चुकी हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।