इस मौके पर किराड़ी के विधायक ऋतुराज झा भी मौजूद थे। किराड़ी में नया बस डिपो बनाने पर दिल्ली सरकार 160 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसमें भूमि अधिग्रहण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को करीब 40 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 40 करोड़ रुपये जबकि डिपो के विद्युतीकरण पर करीब 80 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है।
दुनिया के शीर्ष 35 शहरों में दिल्ली
गहलोत ने कहा कि 2015 में दिल्ली में 5,842 बसें थीं। अब बसों की संख्या बढ़कर 7,379 हो गई है। दिल्ली को सार्वजनिक परिवहन के लिहाज से दुनिया के शीर्ष 35 शहरों में स्थान दिया गया है।
नौ बस डिपो का होगा निर्माण
गहलोत ने बताया कि किराड़ी डिपो दिल्ली में प्रस्तावित नौ आधुनिक डिपो में से एक है। जनता को सरकार आधुनिक परिवहन सुविधाएं प्रदान करना चाहती है। जनता को इस डिपो के निर्माण से होने वाले फायदे को देखते हुए आधुनिक बस डिपो के निर्माण पर 160 करोड़ रुपये खर्च करने में सरकार ने संकोच नहीं किया। केजरीवाल सरकार जल्द ही नौ नए डिपो का निर्माण करेगी। ये पूर्वी विनोद नगर, नरेला, दौराला, बुराड़ी, सावदा घेवरा, कापसहेड़ा, गदईपुर और छतरपुर में बनेंगे। किराड़ी में दिसंबर 2023 तक बस डिपो का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
सालाना 4.6 लाख टन कम होगा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन
दिल्ली में सरकारी बसों के बेड़े में फिलहाल 7,379 बसें हैं। 2025 तक बसों की संख्या को बढ़कर 10,480 करने का लक्ष्य है। बेड़े का 80 फीसदी यानी 8,280 बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इससे कार्बन डाईऑक्साइड का सालाना उत्सर्जन करीब 4.6 लाख टन कम होगा। इससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता भी सुधरेगी।