दिल्ली सरकार ने इस मामले में कहा कि स्कूल में गैस रिसाव नहीं हुआ था। एक शिक्षिका अपने बैग में पेपर स्प्रे ले जा रही थी जो गलती से लीक हो गई थी। सभी प्रभावित छात्रों को तुरंत सभी आवश्यक सहायता और उपचार प्रदान किया गया। सरकार संबंधित छात्राओं के स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी कर रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल में एक शिक्षिका का जन्मदिन मनाया जा रहा था। उसके बैग में पेपर स्प्रे थे जो किसी तरह से लीक हो गया और छात्राओं के आंखों में जलन होने लगी और उन्हें घबराहट होने लगी। उनमें से कुछ बेहोश होने लगी। पहले तो स्कूल प्रशासन इस घटना के होने से इंकार करता रहा। बाद में दिल्ली सरकार ने इस मामले पर अपना बयान जारी किया।
छात्राओं की ऐसी स्थिति होने से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल से जानकारी मिलते ही अभिभावक भी स्कूल और अस्पताल पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोपहर 2.05 मिनट पर 15 छात्राओं को एंबुलेंस अस्पताल लेकर पहुंची थी। छठीं, सातवीं और आठवीं की छात्राएं हैं। बाद में पांच और छात्राएं अस्पताल पहुंची। 15 लड़कियां अभी ठीक है। बाकी पांच लड़कियों को घबराहट हो रही थी।
पेपर स्प्रे के कारण हुई घटना
अधिकारी के अनुसार स्कूल में एक शिक्षिका का जन्मदिन था। इसमें छठी से नौवीं तक की छात्राएं थी। शिक्षिका के बैग में रखा पेपर स्प्रे जिसे महिलाएं सुरक्षा की दृष्टि से रखती है वह स्प्रे हो गया। इस कारण कुछ छात्राएं बेहोश हो गई। जबकि कुछ को पैनिक अटैक हुआ।
पुलिस का बयान
पुलिस को जानकारी मिली कि छतरपुर के सरकारी स्कूल में कुछ छात्र बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। इसकी सूचना मिलने पर महरौली थानाध्यक्ष सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। जहां 22 बच्चे उपचाराधीन पाए गए। वह सभी ठीक है। पुलिस को अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि कक्षा 6वीं-7वीं की छात्राएं शिक्षक का जन्मदिन मनाते समय बेहोश हो गई थी। बच्चों के बेहोश होने के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ की जा रही है।