फिल्म मेकिंग की दुनिया में उत्तराखंड का टैलेंट अपना पांव जमा रहा है। देहरादून के 26 वर्षीय ईशान सिंह ने यूं तो साढ़े तीन साल के भीतर पांच शार्ट फिल्म बनाई, लेकिन उनकी शॉर्ट फिल्म मैराकी ने उन्हें फिल्म मेकर के रूप में पहचान दी। ईशान का कहना है कि छोटे शहरों से आने वाले लोगों के लिए अपनी जगह बनाना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए हमारे पास एक ही तरीका होता है। हम अपने टैलेंट को इतना निखारें कि कोई हमें अनदेखा ना कर सके।
देहरादून के ईशान सिंह के लिए फिल्म मेकिंग की दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था। वे बताते हैं कि उनके पिता और दादाजी दोनों ही आईआईटीयंस रहे हैं। ऐसे में उनपर भी इसी एक दबाव रहा, लेकिन ईशान को फिल्म मेकिंग में हीं रूचि रही। ईशान ने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, लेकिन करियर फिल्म मेकिंग में बनाने की ठानी। बतौर ईशान मैंने अपने दिल की सुनी। बचपन में थिएटर भी खूब सीखा था। दिल्ली में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ ही फिल्म मेकिंग के बारे में भी जाना। और इसके बाद ईशान ने मैराकी, शून्य से शुरुआत, कटी पतंग, तुम्हारे बारे में, जैसे शार्ट बनाई। ओटीटी प्लेटफार्म उनके लिए बड़ा माध्यम बना।
स्टार के साथ काम करना जरूरी नहीं
ईशान का मानना है कि कई लोगों को लगता है कि अगर वे अच्छे और बड़े स्टार के साथ काम कर लें तो उनका नाम बना जाएगा। जबकि ऐसा नहीं है। आज स्टार के साथ काम करने की नहीं बल्कि अच्छे प्रोजेक्ट पर काम करने की जरूरत है। अच्छी स्क्रिप्ट और कड़ी मेहनत ही आपको पहचान दिलाती है।
सोशल मीडिया के जरिए निकल रहा अच्छा टैलेंट
ईशान का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम जमाना भले ही आसान नहीं है, लेकिन आज सोशल मीडिया के जरिए बड़ा टैलेंट आगे आ रहा है। इस बात को हम इनकार नहीं कर सकते। छोटे-छोटे शहरों से बड़े-बड़े स्टार ओटीटी प्लेटफार्म के जरिए लोगों के सामने आ रहे हैं। और लोग उन्हें प्यार भी दे रहे है। ईशान का कहना है कि एक फिल्मेकर होने के नाते मैं ये कह सकता हूं की ओटीटी प्लेटफॉर्म ने मुझे एक बड़ा मंच दिया है। मैं भविष्य में यही कोशिश करूंगा की अच्छी फिल्म बनाऊं जिसे पूरा परिवार साथ में बैठ कर देख सकें। और अपने उतराखंड का नाम रोशन कर सकूं।