ईरान के राजदूत गुलाम रजा अंसारी ने कहा कि बाबा रामदेव द्वारा पुन: जाग्रत योग और आयुर्वेद विश्व निधि है। योग पूरे विश्व में प्रतिष्ठित हो रहा है। दुनिया को स्वस्थ जीवन देने वाले योग का ईरान में भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
भारत और ईरान बहुत करीब
मंगलवार को ईरान के राजदूत गुलाम रजा अंसारी भ्रमण के लिए पतंजलि योगपीठ पहुंचे। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि योग से दुनिया को जीवन से संबंधित नई दृष्टि मिली है।
भारत और ईरान के बीच कई अध्यात्मिक और सांस्कृतिक समानताएं हैं। ईरान में सभी लोक परंपराओं का सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि भारत हिंदू और मुस्लिम संस्कृति के समन्वय का अनुपम उदाहरण है। यहां की लोकतांत्रिक परंपरा बेहद समृद्धशाली है।
हर्बल इनसाइक्लोपीडिया का ईरानी अनुवाद
बाबा रामदेव ने स्वागत करते हुए कहा कि आचार्य बालकृष्ण द्वारा रचित हर्बल इनसाइक्लोपीडिया का ईरानी भाषा में अनुवाद कराया जाएगा। योग परंपरा से दुनिया के किसी भी देश को परहेज नहीं है। मुस्लिम राष्ट्रों में लाखों लोग योग कर रहे हैं।
पतंजलि ईरान में योग और आयुर्वेद के कार्यों को बढ़ाने का संकल्प लेती है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि पूरी दुनिया को एक परिवार मानती है। मौलाना कल्वे रिजवी ने कहा कि पतंजलि व्यक्तित्व निर्माण की टकसाल बन गई है।