सरकार और सामाजिक संस्थाओं को आर्थिक मदद करना चाहे तो ठीक है, लकिन मैं अपने कलेजे के टुकड़े को किसी को नहीं सौंपूगी। हम अपने बलबूते बच्चों को पालेंगे। यह कहना है चार नवजात शिशुओं की मां पूर्णिमा ध्यानी का।
लालपुर दिव्यलोक निवासी पूर्णिमा का परिवार ‘अमर उजाला’ के पहले पेज पर प्रकाशित खबर से गदगद है। रविवार सुबह खबर छपने के बाद से ही उनके घर में बच्चों को देखने वालों और बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
लोग एक साथ जन्म लेने वाले चार बच्चों को देखने के लिए पहुंच रहे थे जिसके कारण उन्हें अनेक परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
दिन भर मीडिया कर्मियों को इंटरव्यू देते-देते वे थक गए। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता था कि पत्र में प्रकाशित बच्चों की खबर का इतना असर पड़ेगा।