विश्व में अपनी अलग पहचान रखने वाले भारतीय वन्य जीव संस्थान में दुनिया का पहला प्राकृतिक धरोहर केंद्र देहरादून में शुरू होने जा रहा है।
पर्यावरण राज्यमंत्री प्रकाश जावडे़कर रखेंगे आधारशिला
यूनेस्को ने वर्ष 2013 में इसके लिए स्वीकृति दे दी थी। केंद्र का मकसद दुनियाभर के अलावा एशिया प्रशांत क्षेत्र में प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री प्रकाश जावडे़कर शनिवार को इसकी आधारशिला रखेंगे।
सितंबर 2012 में भारत की ओर से प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए यूनेस्को के महानिदेशक को इसका प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र स्थापना के लिए डब्ल्यूआईआई में बेहतर सामर्थ्य है, जो क्षेत्र में रिक्तता भरेगा।
यूनेस्को महानिदेशक ने एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के विश्व प्राकृतिक धरोहर प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के लिए केंद्र की स्थापना दून में करने की मंजूरी दी। इसके अलावा पाया कि श्रेणी 2 केंद्र की भारतीय वन्यजीव संस्थान में स्थापना से सदस्य राष्ट्रों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विशेष लाभ मिलेगा।
यूनेस्को ने विश्व धरोहरों के संरक्षण के लिए दुनियाभर में आठ केंद्र बनाए हैं, लेकिन प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए यह विश्व का पहला केंद्र होगा।