स्वीडन में आयुर्वेद को बढ़ावा देने में जुटीं एस्टीना
स्वीडन की एस्टीना एंडरसन अपने देश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटी हैं। बताया, चार साल पहले एक किताब के माध्यम से आयुर्वेद के बारे में जानकारी मिली। आयुर्वेद में मेरे हर प्रश्नों का जवाब था। इसके बाद उसको और जानने और बढ़ावा देने की कोशिश शुरू की है। वे अपने देश में लाइफ स्टाइल कंसल्टेंट के तौर पर काम करती है, इसमें आयुर्वेद शामिल है। कहा, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एक बेहतर पहल है।
पांच लाख वैद्यों को एक साथ जोड़ा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले निर्मल कुमार अवस्थी कहते हैं कि वे पहले सीआरपीएफ में कार्यरत थे। वर्ष 1989 में उनका हाथ टूट गया। इसका इलाज परंपरागत चिकित्सा से हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन इसमें समर्पित कर दिया। देश में पांच लाख परंपरागत चिकित्सा करने वालों को लोक परंपरा संवर्द्धन अभियान से जोड़ा गया है। इसके तहत 936 औषधियों के बारे में जानकारी तैयार की गई है। कहा, परंरागत चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से थोफोटोड़ी अलग होती है, इसमें संग्रहण, काल, तिथि, वार, समय का महत्व होता है। पांच हजार साल से इसके माध्यम से इलाज किया जा रहा है।