पेट्रोल पंप कर्मचारी पर एलपीजी गैस की घटतौली करने का आरोप लगा एक महिला ने हंगामा किया। पंप मालिक की ओर से कोई मदद न करने पर उसने बाट माप, आपूर्ति विभाग और तेल कंपनी के अफसरों से शिकायत की। विभाग मामले को घटतौली और मिलावट को मानकर आपस में ही उलझ गए।
मामला बढ़ने पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने दोनों विभागों और तेल कंपनी से एक संयुक्त टीम गठित की। हालांकि टीम के मौके पर पहुंचने पर महिला मौके पर नहीं पहुंची। तेल कंपनी के मैकेनिक ने मशीन को चैक किया, तो सब कुछ सही मिला।देहरादून स्थित माजरा निवासी मंजू ने बताया कि बुधवार को क्रास रोड मॉल स्थित एक मैकेनिक की दुकान से उसने अपनी कार में नई गैस किट लगवाई थी।
किट लगाने के बाद मैकेनिक ने उसमें गैस भरवाकर चैक करने की बात कही। जिस पर महिला ने मोहकमपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से पांच सौ रुपये की बारह लीटर गैस भरवाई। गुरुवार सुबह जब उसने कार गैस से स्टार्ट करनी चाही, तो कार स्टार्ट नहीं हुई।
मैकेनिक के पास कार लेकर पहुंची, तो उसने बताया कि किट में गैस नहीं, बल्कि हवा भरी है। यह सुनने के बाद महिला ने पेट्रोल पंप पहुंच कर हंगामा खड़ा कर दिया। यहां कोई सुनवाई न होने पर महिला ने बाट माप, आपूर्ति विभाग और आईओसी के अफसरों से मामले की शिकायत की।
आरोप है कि घंटों तक कोई भी मामले की जांच करने नहीं पहुंचा। बाट माप विभाग ने मामला मिलावट का बता आपूर्ति विभाग और तेल कंपनी को जांच का अधिकार होना बताकर पल्ला झाड़ लिया, वहीं तेल कंपनी और आपूर्ति विभाग ने मामले को घटतौली का बताया और बाट माप विभाग को ही जांच करने की बात कहकर महिला को टरका दिया।
एक घंटे तक उलझे रहे अफसर
महिला ने बाट माप, आपूर्ति विभाग और आईओसी कंपनी के अधिकारी से फोन पर घटतौली की शिकायत की। मगर एक घंटे तक यह हीं तय नहीं हो सका कि कौन इसकी जांच करेगा। हालांकि मामला जिला आपूर्ति अधिकारी पीएस पांगती तक पहुंचा, तो उन्होंने आईओसी के मैकेनिक, बाट माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक अधिकारी प्रवीण नेगी, आपूर्ति विभाग से महिला सप्लाई इंस्पेक्टर करुणा पंत, सुनील देवली और अजय रावत की एक संयुक्त टीम गठित की।