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मिलिए, दून के पेट्रोल पंप पर पहली सेल्स वूमेन से

Sat, 14 Feb 2015 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी दून में सहस्त्रधारा रोड स्थित सेठी टाप फिलिंग प्वाइंट पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंचने वालों के लिए यह बेहद आश्चर्य का पल था।
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उन्होंने दून में पहली बार किसी पेट्रोल पंप पर महिला को पेट्रोल भरते देखा तो बेसाख्ता उनके मुंह से निकला भी-अरे...यहां तो महिला पेट्रोल भर रही हैं।

रेनू और मीनाक्षी को इंडियन आयल कारपोरेशन (आईओसी) और इंपावरिंग पीपुल्स सोसायटी (ईपीएस) के सहयोग से सहस्त्रधारा रोड के सेठी टाप फिलिंग प्वाइंट पर बतौर सेल्स वूमेन नियुक्ति मिली है। 35 वर्षीया रेनू और 22 वर्षीया मीनाक्षी दोनों ही साधारण परिवार से हैं।

इस नौकरी में उन्हें कोई समस्या नजर नहीं आती, बल्कि कुछ अलग करने का अहसास हो रहा है। नेशविला रोड निवासी रेनू अपने पति विक्रम, जबकि सहस्त्रधारा रोड पर ही रहने वाली मीनाक्षी अपने माता-पिता के दिए हौसले को अपने इस कदम का श्रेय देती हैं।
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12वीं के बाद हो गई शादी, अब बच्चे काम से खुश

पेट्रोल पंप पर काम शुरू करने वालीं रेनू और मीनाक्षी को उच्च शिक्षा का मौका नहीं मिला। दोनों ही घर में बड़ी हैं, इसलिए 12वीं पास करते ही उनकी शादी हो गई। रेनू के पति देहरादून में ही प्राइवेट जाब में हैं।

उनके दो बच्चे हैं। 13 साल की बेटी उनकी नौकरी से बेहद खुश है। जबकि मीनाक्षी के पति रवि दिल्ली में कार्यरत हैं। वह यहां चार साल के बेटे के साथ अपने माता-पिता के साथ रह रही है। रेनू के लिए यह पहली नौकरी है, जबकि मीनाक्षी इससे पहले एक स्कूल में बच्चों की सार-संभाल का काम कर चुकी है।

प्रदेश में आईओसी के 430 पेट्रोल पंपों पर दिखेंगी महिलाएं
प्रदेश में छह माह के भीतर आईओसी के 430 पेट्रोल पंपों पर महिलाएं दिखाई देंगी। दून पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अमरजीत सेठी के मुताबिक पहले चरण में एक माह के भीतर दून के 16 पेट्रोल पंपों पर महिलाओं की तैनाती होगी। आईओसी के राज्य समन्वयक एसके सिन्हा की मानें तो यह महिला सशक्तीकरण की पहल है, जो बढ़ती रहेगी।

ईमानदारी सबसे बड़ी खूबी, महिलाओं का काम 10 से छह
महिलाओं को नौकरी देने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको ईमानदार कर्मचारी मिल जाता है। दूसरे वह अपना काम बेहद मेहनत से करती हैं। देर शाम कराने पर सुरक्षा भी एक मुद्दा बनता है, लिहाजा इन महिला कर्मचारियों से पेट्रोल पंप पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक काम लिया जा रहा है।
-कुणाल सेठी, संचालक सेठी टाप फिलिंग प्वाइंट
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पहली बार आटो ड्राइवर के रूप में भी दिखेंगी महिलाएं

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो महिलाएं जल्द ही आटो ड्राइवर के रूप में भी नजर आएंगी। इस वक्त झाझरा स्थित एक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 16 युवतियों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, ताकि इसके बाद उन्हें रोजगार की यह नई राह मुहैया कराई जा सके।

इंपावरिंग पीपुल्स सोसायटी (ईपीएस) के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल भरने में महिलाओं की तैनाती को महिला सशक्तिकरण का एक पहलू मानते हैं। उनके अनुसार परंपरा से हटकर रोजगार महिलाओं को सशक्त करने का एक जरिया है। योजना का अधिक खुलासा न करते हुए वह इसके लिए दो-तीन माह इंतजार की बात दोहराते हैं।
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