- प्रदेशभर में तेजी से बढ़ रहा है बिजली की मांग का ग्राफ
- मांग के सापेक्ष करीब 2.4 करोड़ यूनिट बिजली ही है उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में जैसे ठिठुरन बढ़ रही है, वैसे ही बिजली की मांग का ग्राफ भी बढ़ना शुरू हो गया है। अब मांग 4.6 करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गई है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि फिलहाल कहीं कटौती नहीं की जा रही है।
प्रदेश में पिछले पांच दिनों में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। पांच दिन पहले मांग करीब 4.2 करोड़ यूनिट थी जो कि सोमवार को बढ़कर 4.6 करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गई। यूपीसीएल पर बिजली आपूर्ति का दबाव बढ़ता जा रहा है। उपलब्धता के नजरिए से देखें तो यूजेवीएनएल से करीब 90 लाख यूनिट रोजाना मिल रही है। केंद्रीय पूल से करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है। ऐसे में यूपीसीएल को बाजार, बैंकिग व अन्य माध्यमों से इंतजाम करना पड़ रहा है।
पिछले वर्ष सर्दियों के सीजन में बिजली की मांग करीब 5.5 करोड़ यूनिट तक पहुंची थी। ऐसे में यूपीसीएल के लिए अब आगे इंतजाम करने की चुनौती है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि फिलहाल पूरी उपलब्धता हो रही है। कहीं भी घोषित या अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने कहा कि भविष्य के लिए रणनीति तैयार की गई है। उसी हिसाब से 24 घंटे आपूर्ति का प्रयास जारी है।