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डब्ल्यूआईटी की छात्राओं ने बेकार सामान से बनाई गो-कार्ट

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डब्ल्यूआईटी में गो-कार्ट के साथ छात्राएं। - फोटो : CITY
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महिला तकनीकी संस्थान (डब्ल्यूआईटी) की छात्राओं ने बेकार सामान से विशेष तकनीक पर आधारित गो-कार्ट का आविष्कार किया है। यह गो-कार्ट दोहरे ट्रांसमिशन और दो गियर प्रणाली वाली है। इसमें छात्राओं ने कई अनुपयोगी वस्तुओं का इस्तेमाल किया है। यह गो-कार्ट 28 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही है।
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मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत सिंह ने दावा किया कि यह उत्तर भारत का पहला गो-कार्ट आविष्कार है। इसे बनाने वाली टीम में अंजली बोरा, वैशाली चौधरी, शिखा राज, माधुरी यादव, हंसा रावत, राशि अग्रवाल आदि मैकेनिकल की छात्राएं शामिल हैं। वेल्डिंग, कटिंग, फिटिंग, इंजन मोडिफिकेशन से लेकर सभी फेब्रिकेशन कार्य छात्राओं ने खुद किए हैं। गो-कार्ट की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक है। इस आविष्कार में संस्थान की पूर्व निदेशक डॉ. अलकनंदा अशोक की अहम भूमिका रही। बताया कि छात्राओं ने अब गो-कार्ट का माइलेज और पावर बढ़ाने पर शोध शुरू किया है। इसे इलैक्ट्रिक से संचालित करने की भी तैयारी है।
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अनुपयोगी वस्तुओं का किया इस्तेमाल
गो-कार्ट में खराब पड़ी अपाचे बाइक का इंजन लगाया गया है। कुर्सी के सीटिंग हिस्से को काटकर सीट तैयार की गई है। इसके अलावा ड्रम, सरिये व अन्य सामान्य वस्तुओं से महत्वपूर्ण हिस्से तैयार किए गए हैं। इससे लागत में भी कमी आई है।
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