हिम्मते मर्दा मददे खुदा। इस कहावत को पिथौरागढ़ के 61 वर्षीय बुजुर्ग होशियार सिंह ने सच किया है।
ग्रामीणों को आता देख भालू भागा
होशियार सिंह भालू के हमला करने पर उससे गुत्थमगुत्था हो गए और तब तक दो-दो हाथ करते रहे जब तक कि मौके पर अन्य ग्रामीण नहीं पहुंच गए। बुजुर्ग की हिम्मत और ग्रामीणों को आता देख भालू वहां से भाग गया।
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हालांकि इस दौरान होशियार सिंह के शरीर के कई हिस्सों को भालू ने नोच डाला। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां डाक्टर उनकी हालत स्थिर बता रहे हैं।
जंगल में अचानक किया हमला
बर्तियागांव (बड़ालू) के होशियार सिंह मंगलवार को अन्य ग्रामीणों के साथ मवेशियों को चराने जंगल गए थे। सुबह 10 बजे के आसपास वहां भालू ने अचानक होशियार सिंह पर हमला कर दिया। वह भी भालू भिड़ गए और करीब दस मिनट तक संघर्ष करते रहे।
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इस दौरान उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाना भी जारी रखा। उनकी आवाज अन्य ग्रामीणों के कानों तक पहुंची तो वे मौके पर पहुंचे और शोर मचा दिया। इस पर भालू वहां से भाग निकला।
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ग्रामीण ललित मोहन सिंह रावत, विक्रम सिंह रावत, जीत सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, कलावती देवी, शंकर सिंह ने प्रभागीय वनाधिकारी एके उपाध्याय को ज्ञापन देकर घायल बुजुर्ग के इलाज के लिए आर्थिक सहायता और जंगली जानवरों से बचाव के उपाय करने की मांग की। डीएफओ ने इलाज के लिए आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।