इस बार चारधाम यात्रा के दौरान अधिकारी पल-पल की गतिविधियों पर व्हाट्स एप के जरिए नजर रखेंगे।
विभागीय अफसरों को व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से यात्रा रूटों पर दुर्घटनाओं व अन्य समस्याओं से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। जिम्मेदार विभाग यथाशीघ्र समस्या के समाधान के लिए कार्य करेगा।
गढ़वाल कमिश्नर सीएस नपल्चयाल ने इस दिशा में प्रशासन, पुलिस और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। गुरुवार को उन्होंने आसन्न चारधाम यात्रा के दृष्टिगत नगर पालिका के स्वर्ण जयंती सभागार में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
जिसमें बीते वर्षों की तरह सड़कों की बदहाल स्थित मुख्य समस्या रही। बीआरओ और पीडब्लूडी के अधिकारियों ने ऋषिकेश से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर आपदा के बाद किए गए कार्यों की रिपोर्ट दी और समस्याएं बताई।
कमिश्नर ने बताया कि ऋषिकेश से बदरीनाथ तक 29 जगहों सड़क की स्थिति खराब है। उन्होंने 15 अप्रैल तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के आदेश दिए। ऊर्जा निगम और जल निगम को भी 30 मार्च तक व्यवस्थाओं को चाकचौबंद करने को कहा गया है।
यात्रा पड़ावों पर सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश
परिवहन विभाग को समय रहते वाहनों की फिटनेश, ग्रीनकार्ड, चेकिंग आदि करने और स्वास्थ्य विभाग को यात्रा पड़ावों पर सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश मिले हैं। इसके अतिरिक्त बैठक में पुलिस व्यवस्था, सफाई, पेयजल, दूरसंचार आदि पर चर्चा हुई। कमिश्नर ने 15 अप्रैल तक हर हाल में लंबित कार्यों को पूरा करने की बात कही है।
मौके पर डीआईजी संजय गुंज्याल, डीएम रुद्रप्रयाग डा. राघव लंगर, एडीएम देहरादून प्रताप शाह, उपायुक्त खाद्य एनसी सेमवाल, एसपी देहात मनिकांत मिश्रा, आरटीओ देहरादून दिनेश पठोई, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी वाईएस गंगवार, एसडीएम ऋषिकेश एसके पांडेय, एसडीएम यमकेश्वर डीपी सिंह, सीओ ऋषिकेश हरबंस सिंह आदि मौजूद थे।
बाहर से लाए जाएंगे कॉर्डियोलॉजिस्ट
बीते वर्ष की तरह इस बार भी चारधाम यात्रा के लिए कॉर्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक दूसरे प्रदेशों से लाए जाएंगे। कमिश्नर ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर पांच जगहों पर कॉर्डियोलॉजिस्ट तैनात किए जाने हैं। बताया कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण चिकित्सक दो महीने के लिए दूसरे प्रदेश से लाए जाएंगे।
संयुक्त रोटेशन की बात तक नहीं की
समीक्षा बैठक में विभिन्न परिवहन कंपनियों से मिलकर बनने वाले संयुक्त रोटेशन के संचालन को लेकर बात तक नहीं की गई। कमिश्नर ने बताया कि मामला न्यायालय में चल रहा है। इस दिशा में 30 मार्च को एक बैठक बुलाई गई है। जिसमें आगे के लिए रणनीति बनाई जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि 30 मार्च तक चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड से रोडवेज की वर्कशॉप को नटराज चौक के समीप शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद बीटीसी का संचालन नगर पालिका करेगी।
केदारनाथ पैदल मार्ग तैनात रहेगी एसडीआरएफ
केदारनाथ पैदल मार्ग पर इस बार स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) तैनात रहेगी। डीआईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि इसके लिए शीघ्र फोर्स की नियुक्ति की जाएगी। बताया कि बीते वर्ष भी केदारनाथ में एसडीआरएफ तैनात की गई थी। जिससे आपदा प्रबंधन में काफी मदद मिली।
बताया कि इस बार गौरीकुंड से केदारनाथ तक विभिन्न जगहों पर फोर्स नजर रखेगी। डीआईजी ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर सौ से अधिक दुर्घटना और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। जिसके लिए बीआरओ और पुलिस की बीच सामंजस्य स्थापित कर दुर्घटना की आशंका को कम करने और समय रहते रोड को खोलने की कोशिश की जाएगी।
चालक देंगे मोबाइल से सूचना
पुलिस इस बार सड़कों की स्थित जानने, आपराधिक गतिवधियों पर नजर रखने और दुर्घटनाओं के वक्त तत्काल रेस्क्यू के लिए चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले वाहन चालकों से सहयोग लेगी।
पुलिस वाहन चालकों के मोबाइल नंबर लेकर विभिन्न थानों और चौकियों से कनेक्ट करेगी। पल पल की जानकारी मिलने से पुलिस को सहयोग मिलेगा और मार्ग पर जाम जैसी समस्याएं भी दूर हो पाएंगी।