उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने एक और जान ले ली। हरिद्वार के भूमानंद अस्पताल में 20 दिन से भर्ती स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की मौत हो गई है।
हरिद्वार जिले में हुई चौथी मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के न्यू सुभाषनगर निवासी 30 वर्षीय तनु (पुत्री चित्रामणी) को सात फरवरी को बुखार होने पर भूमानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो स्वाइन फ्लू की जांच करवाई गई।
पांच दिन बाद दिल्ली से आई रिपोर्ट में तनु में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इलाज चलता रहा। इसी बीच महिला की हालत में कुछ सुधार हुआ और वेंटिलेटर से उतार दिया। अचानक तबियत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने महिला को वेंटिलेटर पर रख दिया।
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस टीम के प्रभारी डॉ. एलडी पंत ने बताया कि तबीयत में सुधार नहीं होने पर बृहस्पतिवार सुबह 7.30 बजे तनु ने दम तोड़ दिया है। परिजनों के स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है।
पहले हो चुकी तीन मौतें
इससे पूर्व जिले में स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें रुड़की, पनियाला रोड निवासी मरियम, मेट्रो अस्पताल में भर्ती शिवालिकनगर निवासी रेखा जैन और 25 फरवरी को लक्सर के अकौढ़ा कलां निवासी 45 वर्षीय सविता की मौत शामिल है।
आयुर्वेद डॉक्टर को स्वाइन फ्लू
आयुर्वेद विभाग में तैनात एक डाक्टर को भी स्वाइन फ्लू हो गया है। जिला अस्पताल के स्वाइन फ्लू प्रभारी डॉ. संदीप निगम ने बताया कि डॉक्टर को कैटेगरी बी में रखा गया है।
उन्हें एक सप्ताह से गले में दर्द, खराश एवं बुखार था। उनका इलाज शुरू कर दिया है। डाक्टर को नियमित रूप से अस्पताल पहुंचकर जांच कराने को कहा गया है।
जिला अस्पताल में 20 संभावित मरीज पहुंचे
जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों का आने का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। सुबह खांसी, जुकाम और बुखार के संभावित एवं स्वयं को स्वाइन फ्लू बताने वाले 20 मरीज पहुंचे।
डॉ. संदीप निगम ने बताया कि इनमें से तीन मरीजों को कैटेगरी-बी में रखा गया है। तीनों मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इनमें से एक मरीज को मिशन अस्पताल, दूसरे को भेल एवं तीसरे को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
डॉ. निगम ने बताया कि कई दिनों से जिन मरीजों का इलाज चल रहा है उनकी स्थिति में सुधार है। मेला अस्पताल की स्टाफ नर्स हेमंती की भी दवाई शुरू कर दी गई है। इनकी रिपोर्ट सामान्य बताई जा रही है।