40.1 डिग्री सेल्सियस तक गया तापमान
डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि गर्मी के कारण डायरिया और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वहीं बाल रोग विशेष डा. हितेंद्र जंगपांगी की ओपीडी में भी 85 से 95 बच्चों में से 55 से 65 बच्चे डायरिया, उल्टी, दस्त बुखार, खांसी से ग्रस्त होकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत के छुट्टी पर रहने से उन्हें अकेले मरीजों को देखना पड़ रहा है। वहीं रुड़की शहर से देहात तक पिछले कई दिन से पड़ रही तेज गर्मी से हर कोई बेहाल है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस तक गया।
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बाजार व चौराहों पर पसरा सन्नाटा
मौसम के तल्ख तेवर से लोगों की शहर के मुख्य चौराहों और सार्वजनिक रास्तों पर आवाजाही कम हो गई है। बृहस्पतिवार को भी सुबह से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। दोपहर होते-होते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आलम यह रहा कि तेज धूप के साथ लू के गर्म थपेड़ों ने मुसीबत और बढ़ा दी। दोपहर को शहर की प्रमुख बाजार व चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं घरों में बैठे लोगों ने गर्मी से राहत पाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा लिया, पंखे व कूलर भी गर्मी के सितम से राहत पहुंचाने में नाकाम साबित हुए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी एक-दो दिन भीषण गर्मी से राहत पाने की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि दो से तीन दिन बाद बूंदाबांदी की संभावना है।