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Weather Today : चारों धामों में हुई अच्छी बारिश और बर्फबारी, बर्फ से ढके पहाड़, अब पर्यटकों का इंतजार

Sat, 12 Dec 2020 11:54 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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snowfall, charata - फोटो : amar ujala
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करीब एक पखवाड़े बाद मौसम बदला और पहाड़ में बारिश-बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार तड़के से रिमझिम बारिश शुरू हो गई और चारों धामों में अच्छी बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में दो फीट, हेमकुंड साहिब में ढाई, केदारनाथ और यमुनोत्री-गंगोत्री में दो फीट बर्फ पड़ी।

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औली में देर शाम तक बर्फबारी होती रही। यहां आधा फीट बर्फ जम चुकी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है अब बस पर्यटकों का इंतजार है। चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार शाम से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। शनिवार सुबह बारिश और बर्फबारी तेज हो गई। बदरीनाथ, औली, हेमकुंड साहिब, लाल माटी, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी, निजमूला घाटी आदि जगह पर जमकर बर्फबारी हुई।

जबकि जोशीमठ, घाट, गोपेश्वर, चमोली, पोखरी सहित अन्य जगह पर बारिश हुई। औली में बर्फबारी से यहां पर्यटकों के आने की उम्मीद जगी है। होटलों में बुकिंग और बर्फबारी की जानकारी के लिए सैलानियों के फोन भी आने शुरू हो गए हैं। कारोबारी भी अब पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं। तापमान में गिरावट के चलते शीतलहर चलने के कारण हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।
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 रुद्रप्रयाग में केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला, चोपता, कालशिला, हरियाली डांडा में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में दिनभर बर्फबारी के कारण धाम में दो फीट नई बर्फ जम गई है। केदारनाथ में बर्फबारी के कारण वहां कोई मौजूद नहीं है। गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारघाटी के गांवों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

खराब मौसम के कारण धाम में दिनभर तापमान माइनस में रहा। कालीमठ घाटी के कालशिला व धनपुर क्षेत्र के हरियाली डांडा की चोटियां बर्फ से लकदक हो चुकी हैं। चोपता में आधा फीट तक बर्फ जम चुकी है। इधर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली में बारिश हुई। 

उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में पूर्व में पड़ी बर्फ अभी पूरी तरह नहीं पिघली थी कि शनिवार को पड़ी बर्फ के बाद यहां करीब दो फीट से अधिक बर्फ जम गई है। हर्षिल वैली के सुक्की, मुखबा, धराली आदि गांवों में भी करीब आठ इंच बर्फ गिरी है। उधर यमुनोत्री घाटी के खरसाली, जानकीचट्टी भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। फिलहाल आबादी क्षेत्रों में बिजली एवं पेयजल की सुविधा सुचारु है। जिला मुख्यालय के आसपास की पहाड़ियों पर भी हल्की बर्फ पड़ी हालांकि बाद में बारिश से यह पिघल गई। सर्द हवाओं से बचने के लिए लोग घरों में दुबकने और अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।

बर्फबारी से गंगोत्री हाईवे हर्षिल से आगे बंद

शनिवार को हुई बारिश-बर्फबारी से उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे हर्षिल से आगे बर्फ से पट जाने के कारण यातायात अवरुद्ध हो गया है। सुक्की टॉप से हर्षिल के बीच भी यातायात जोखिम भरा है। उत्तरकाशी-लंबगांव मार्ग पर चौरंगीखाल और यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप, ओरछा बैंड और फूलचट्टी से आगे भी बर्फ और पाले से फिसलन भरी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

वहीं गैरसैंण के पैंसर व दूधातोली की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। देवाल के वांण, घेस, हिमनी, बलांण, पिनाऊं सहित 10 गांवों में बर्फबारी हुई, जिससे लोग घरों में ही रहे। हीरा पहाड़ी व पान सिंह ने बताया कि बर्फबारी के कारण वाण-वेदनी ट्रेकिंग रूट बंद हो गया है। रूपकुंड, वेदनी, आली, बगुवावास, बगजी, ब्रहमताल बर्फ से ढक गए हैं। जबकि निजमूला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी, वाण, कनोल, रामणी, ल्वाणी गांवों में भी करीब पांच इंच जम गई है। ऐसे में ग्रामीण बर्फ के बीच ही रोजमर्रा के कार्य करने में जुटे हुए हैं। वहीं आदिबदरी के उपरैंठांक की चोटियों पर भी बर्फबारी हुई।

नए साल के जश्न के लिए बनने लगा माहौल

दिसंबर मध्य में जिले में बर्फबारी होने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। जिले में हर्षिल, दयारा, डोडीताल, चौरंगीखाल, नचिकेता ताल, खरसाली, केदारकांठा, हरकीदून आदि पर्यटन स्थल बर्फ से लकदक हो गए हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने बताया कि क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए माहौल बनने लगा है। यदि मौसम ने साथ दिया और कोविड-19 महामारी का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा तो आने वाले दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।

पौड़ी में ओलावृष्टि व बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम में आए बदलाव के बाद मौसम केंद्र देहरादून ने पौड़ी जिले में ओलावृष्टि व बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। केंद्र ने आगामी 13 से 15 दिसंबर के बीच जिले के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाने की संभावना भी जताई है। विभाग के अलर्ट के बाद डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आईआरएस के नोडल व नामित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

धनोल्टी, सुरकंडा देवी की पहाड़ियों पर दूसरी बर्फबारी

शनिवार को बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से एकाएक ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। टिहरी जिले में धनोल्टी, काणाताल और सुरकंडा देवी की पहाड़ियों पर यह सीजन की दूसरी बर्फबारी है। बर्फबारी होने पर पर्यटक यहां की ओर रुख करने लगे हैं। शनिवार को टिहरी जिले में 7.6 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। वहीं श्रीनगर देवप्रयाग और कीर्तिनगर समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में शीत लहर चल रही है।


चकराता की ऊंची चोटियों ने ओढ़ी बर्फीली चादर

देर रात को मौसम की बदली करवट के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर मौसम का तीसरा हिमपात हुआ। हिमपात होने के साथ ही पूरा इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ गई। बर्फ से लकदक ऊंची चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं। शनिवार को चकराता का अधिकतम तापमान आठ डिग्री और न्यूनतम शून्य डिग्री दर्ज किया गया। 

देर रात को बदलते मौसम के बीच पछवादून और जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर झमाझम बारिश हुई। रात करीब दो बजे लोखंडी, मोयला टॉप, देववन, खंडबा, मुंडाली, व्यास शिखर समेत ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। 

बागवानी के लिए फायदे का सौदा बर्फबारी 

जनजातीय क्षेत्र में हुई बर्फबारी बागवानों और काश्तकारों के लिए मुनाफे का सौदा होगी। बारिश होने से लंबे समय तक जमीन में नमी बनी रहेगी। बर्फबारी सेब, खुमानी, आड़ू की फसल के लिए खासा लाभदायक है।
 
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चोटियों पर हिमपात, निचले इलाकों में बारिश ने बढ़ाई ठंड

कुमाऊं में मौसम ने शनिवार को करवट बदल ली। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तो निचले इलाकों में बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया। तराई-भाबर में भी बारिश और दिनभर बादल छाए रहने से कड़ाके की ठंड रहे। सड़कों पर चहल-पहल कम ही रही। लोग दिनभर घरों में दुबके रहे।

मुनस्यारी के कालामुनि, बलाती बैंड और खलियाटॉप सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ, जबकि निचले इलाकों में तेज गरज के साथ हल्की बारिश हुई। कालामुनि और बलाती बैंड में तीन इंच हिमपात हुआ। हिमपात से कुछ स्थानों पर वाहन फंस गए। पिथौरागढ़ में हल्की बारिश,  नाचनी, डीडीहाट, अस्कोट, कनालीछीना में बूंदाबांदी हुई।

बागेश्वर जिले में हिमालयी क्षेत्र से सटे बागेश्वर के तलहटी वाले गांवों खाती, बदियाकोट, वाछम, बघर,तीख, बोराचक, झारकोट, कुंवारी, कालों, झूनी, खलझूनी, कीमू की ऊंची चोटियों पर मौसम की पहली बर्फबारी हुई। गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। वहीं, निचले इलाकों में सुबह से देर शाम तक हल्की बारिश हुई है।

अल्मोड़ा जिले में भी विभिन्न स्थानों पर सीजन की पहली बारिश हुई। इस बार जिले भर में दो माह से अधिक समय से बारिश नहीं हुई। अक्तूबर और नवंबर दोनों महीने सूखे निकल गए। शनिवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री तक जा पहुंचा। रानीखेत, कौसानी और गरुड़ में सुबह आठ बजे से बारिश शुरू हो गई। चंपावत और आसपास के इलाकों में शनिवार को पहली बार हल्की बारिश से ठंड बढ़ गई है। 

नैनीताल में शनिवार सुबह से ही घने बादल छाए रहे। सुबह नौ बजे से हल्की बारिश शुरू हो गई। जिसके बाद एक बजे तक लगातार बारिश का दौर चलता रहा। मुक्तेश्वर में बारिश के साथ हिमकण गिरे। 
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