प्रथम सेमेस्टर या अंतिम सेमेस्टर की कक्षाओं के संचालन के लिए त्रिस्तरीय मानकों कक्षाओं का संचालन पालियों में किया जाएगा, सेक्शन बढ़ाए जाएंगे या फिर एक दिन छोड़कर एक दिन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इनमें से किसी एक मानक का पालन करना होगा।
इनमें ऑनलाइन पढ़ाई रहेगी जारी
जिन विषयों में केवल थ्योरी पढ़ाई जाती है या प्रैक्टिकल की अनिवार्यता नहीं है वहां ऑनलाइन मोड से ही पढ़ाई पहले की तरह चलती रहेगी। वही प्रैक्टिकल सब्जेक्ट से संबंधित जो कक्षाएं ऑफलाइन मोड में संचालित नहीं होंगी वहां वर्चुअल लैब का प्रयोग किया जाएगा।
प्रदेश के बाहर से आने वाले छात्रों को करानी होगी कोविड-19 की जांच
राज्य के बाहर से आने वाले छात्रावास में रहने वाले छात्रों एवं डे स्कॉलर को कोविड-19 आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। किसी छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, स्टाफ आदि के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित जिलाधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। जबकि चिकित्सा शिक्षा से संबंधित संस्थानों के संबंध में चिकित्सा विभाग द्वारा अलग से दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
शिक्षण संस्थानों में नोडल अधिकारी होंगे नामित
गाइडलाइन का पालन कराने के लिए शिक्षण संस्थानों में अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी द्वारा एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी नामित करते हुए इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। बड़े जनपदों में दो नोडल अधिकारी नामित किए जा सकते हैं।
क्लासरूम में छह फीट की दूरी पर बैठने की करनी होगी व्यवस्था
छात्र-छात्राओं के लिए कक्षा में छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी। छात्र यदि मांग करते हैं तो पढ़ाई ऑनलाइन भी जारी रहेगी। वहीं राष्ट्रीय सेवा योजना एवं एनसीसी के माध्यम से कोविड-19 के फैलाव और रोकथाम के उपायों को लेकर छात्र-छात्राओं द्वारा समस्त विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा ।
निदेशालय स्तर पर नोडल अधिकारी होगा नामित
महाविद्यालयों को खोले जाने पर व्यवस्था की निगरानी के लिए से निदेशालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। जो नियमित रूप से शासन को जानकारी उपलब्ध कराएगा।