केदारनाथ में सोमवार को दोपहर बाद मौसम बिगड़ जाने से बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। सोमवार को स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एसडीआरएफ) की कमांडेंट पी रेणुका देवी ने रामबाड़ा तक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने यह भी देखा कि यात्रा मार्ग पर कहां-कहां पर टेंट लगाए जा सकते हैं। सोमवार को केदारनाथ में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है।
सुबह चटख धूप के बावजूद अपराह्न दो बजे के बाद आसमान में बादल छा गए जिससे बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है।
एसडीआरएफ की टीम भी लिनचोली तक पहुंच चुकी है। टीम के 50 जवान गौरीकुंड से लिनचोली तक विभिन्न स्थानों पर टेंट लगाकर रहेंगे।
मंगलवार को बाबा भैरवनाथ की पूजा-अर्चना
केदारनाथ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मंगलवार को ऊखीमठ में केदारनाथ धाम के रक्षक बाबा भैरवनाथ की पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद बुधवार को बाबा केदार की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल से बाहर निकलकर केदारधाम की ओर प्रस्थान करेगी।
भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट 4 मई को आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल रहे हैं।
परंपरानुसार मंगलवार शाम को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बाबा भैरवनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। बाबा भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक माना जाता है।
मान्यता है कि यात्रा शुरू होने से पूर्व बाबा भैरवनाथ धाम में विराजमान होकर धाम की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं।
पूर्व में बाबा भैरवनाथ की पूजा-अर्चना के साथ ही केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ हो जाता था, लेकिन इस वर्ष अभी तक वह रौनक नहीं दिखाई दे रही है।
रामबाड़ा पुल का लांचिंग कार्य शुरू
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा में अभी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। सोमवार को लोनिवि द्वारा पुल के पार्ट जोड़ने आदि का काम शुरू किया गया। हालांकि अभी भी पुल का एप्रोच मार्ग नहीं बन पाया है।
इसके बावजूद लोनिवि 30 अप्रैल तक पुल का निर्माण कार्य पूरा करने का दावा कर रहा है।
बर्फ हटाने में लगे रहे मजदूर
सोमवार को भी पुलिस के जवान और निम के मजदूर केदारनाथ स्थित हेलीपैड से बर्फ हटाने के काम में जुटे रहे। हेलीपैड पर अधिक बर्फ होने के कारण सोमवार को भी एमआई-17 उड़ान नहीं भर सका।