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उत्तराखंड: प्रदेश के 191 स्कूलों में पानी की कमी,हजारों छात्रों के पास नहीं फर्नीचर, बजट बढ़ा पर सुविधाएं नहीं

Wed, 12 Aug 2026 05:39 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्रदेश के 191 स्कूलों में पानी की कमी है। हजारों छात्रों के पास फर्नीचर नहीं है। सरकारी स्कूलों में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना है।

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बजट - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए पर्याप्त फर्नीचर, बिजली और पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। वहीं, कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ विद्यालयों के पास अपना भवन तक नहीं है।

सरकारी दावों के बावजूद, 191 स्कूलों में बच्चों को बरसात में भी पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इनमें सर्वाधिक 89 स्कूल पिथौरागढ़ जिले के हैं। नैनीताल में 43 स्कूलों में भी यही समस्या है। देहरादून, अल्मोड़ा, चंपावत और पौड़ी समेत अन्य जिलों के कई स्कूल भी इस समस्या से जूझ रहे हैं।

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छह हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के पास बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। इसके अलावा, 275 स्कूलों में बिजली की सुविधा नहीं है। शिक्षकों के मुताबिक बिजली और पानी की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। गर्मी और बरसात में इन सुविधाओं के अभाव में बच्चों को परेशानी होती है, जिससे उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है।

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बजट बढ़ा पर सुविधाएं नहीं

प्रदेश में शिक्षा विभाग का बजट 12 हजार करोड़ से अधिक का है। इसके बाद भी कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती है। बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं मिल रहा है। कई स्कूलों में बिजली और पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।

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