‘पानी का कनेक्शन चाहिए, तो कसम खाओ कि किल्लत होने पर मैं पानी नहीं मांगूंगा। परेशानी चाहे जितनी हो मैं किसी अधिकारी को फोन नहीं करूंगा।’
नए कनेक्शन नहीं दे सकते
नए कनेक्शन के लिए पहुंच रहे लोगों से जलसंस्थान कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब शपथपत्र भरवा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि पेयजल किल्लत के कारण नए कनेक्शन दे ही नहीं सकते।
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इसके बाद भी किसी को कनेक्शन चाहिए तो उसे यह शपथपत्र भरना ही होगा। रोहित रौतेला कालिंदी एनक्लेव में बन रहे अपने नए मकान में पेयजल कनेक्शन के लिए एक साल से जलसंस्थान के चक्कर काट रहे हैं।
अब उनका मकान तैयार हो चुका है और जल्द ही वे शिफ्ट हो जाएंगे। वे गुरुवार को जलसंस्थान कार्यालय पहुंचे तो उनके सामने भी शपथपत्र की शर्त रख दी गई।
दूसरी लाइन पानी से लबालब
रोहित का सवाल है कि कहने को तो पेयजल उपभोक्ता, लेकिन शिकायत का अधिकार क्यों नहीं। यह परेशानी रोहित की ही नहीं हर उस शख्स की है जिसे नया पेयजल कनेक्शन चाहिए।
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कालिंदी एनक्लेव निवासी सरोज बाला का कहना है कि यहां एक लाइन में बिल्कुल पानी नहीं दिया जाता। जबकि दूसरी लाइन पानी से लबालब रहती है। पानी बर्बाद होता है।
शिकायत के बावजूद अधिकारी इसमें सुधार को तैयार नहीं हैं। कहते हैं कि दूसरी लाइन में पानी कम किया तो लोग झगड़ने को तैयार हो जाएंगे।
हमारी भी मजबूरी
शहर में लगातार बढ़ती पानी की मांग को पूरा करना भारी पड़ रहा है। लोग नए कनेक्शन के लिए मंत्रियों तक की सिफारिश ले आते हैं।
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कनेक्शन तो दे देंगे, लेकिन पानी कहां से लाएंगे। पानी नहीं मिला तो लोग जलसंस्थान पर ही गुस्सा उताराते हैं। जबरदस्ती दबाव बनाने वाले लोगों से शपथपत्र भरने को कहा गया है, लेकिन इसमें सिर्फ इतना है कि कम प्रेशर आने पर जबरदस्ती अधिक पानी की मांग नहीं करेंगे।
सीएम की सिफारिश लेकर पहुंचे शख्स को भी शपथपत्र भरने के बाद ही कनेक्शन दिया गया।
- एसएल जुयाल, अधिशासी अभियंता, पित्थूवाला जोन