जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी
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अपनी पुस्तक में वर्ग विशेष के खिलाफ टिप्पणी करने और धर्म संसद में विवादित बयान देने वाले यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) को शहर कोतवाली पुलिस ने 41 सीआरपीसी का नोटिस भी तामील कराया है। दूसरी तरफ उन्होंने भी वर्ग विशेष के लोगों पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित शांभवी धाम में संतों की बैठक में वसीम रिजवी के आने की सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत नोटिस तामील कराने के लिए पहुंचे। बता दें कि जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) ने अपनी पुस्तक में वर्ग विशेष को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद लोगों ने उनके खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही धर्म परिवर्तन कर वह वसीम रिजवी से जितेंद्र नारायण त्यागी हो गए थे।
17 से 19 दिसंबर तक उत्तरी हरिद्वार के वेद निकेतन में हुई तीन दिवसीय धर्म संसद में उन्होंने अभद्र टिप्पणी की थी। इस संबंध में ज्वालापुर निवासी गुलबहार खां ने उनके खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचनाधिकारी ने इस मामले में दो अन्य संत साध्वी अन्नपूर्णा और धर्मदास को भी नामजद किया था।
नगर कोतवाल को जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि वर्ग विशेष के लोग उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। नगर कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि मुकदमे में नामजद जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) के हरिद्वार आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद नोटिस तामील कराया गया है। इसके साथ ही वसीम रिजवी ने तहरीर भी दी है।