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...तो इसलिए वोटों की बरसात से हैरान हैं विशेषज्ञ

Thu, 08 May 2014 09:24 AM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में मैदानी क्षेत्र ने मतदान प्रतिशत के मामले में मैदान मारा।
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हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर के अलावा भी देहरादून व नैनीताल के मैदानी इलाकों में खूब वोट तो हुआ लेकिन ज्यादा वोट के शोर से किसकी किस्मत संवरेगी यह तो सोलह मई को पता चलेगा।

लेकिन गंभीर बात यह रही कि दिग्गजों के क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत कम रहना कई तरह के सवाल खड़े करता है।

और यह बात भी साबित होती है कि दिग्गजों ने अपने इलाकों में वोट प्रतिशत बढ़ाने का सार्थक प्रयास नहीं किया, यह सब कमाल जनता जनार्दन ने ही किया।
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हरिद्वार में मुकाबला कांटे का

हरिद्वार में 11 में से सात विस क्षेत्र ऐसे थे जिन पर पांच बजे तक ही 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हो चुका था। यहां पर क्षेत्रीय क्षत्रपों ने पूरा जोर लगाया।

मुख्यमंत्री की पत्नी रेणुका रावत के चुनाव मैदान में उतरने से यहां पर मुकाबला कांटे का हआ है।

खासतौर पर अल्मोड़ा, चम्पावत जिले मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रभाव के माने जाते हैं लेकिन यहां पर मतदान का प्रतिशत अन्य स्थानों के मुकाबले बेहद खराब रहा।

चकराता विस सीट पर 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था। इस सीट से विधायक प्रीतम सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री है, लेकिन यह क्षेत्र वोटिंग के लिहाज से काफी पीछे रहा।

ज्यादा वोटिंग ने बढ़ाई दिलों की धड़कन

टिहरी सीट के उप-चुनाव में चकराता सीट से कांग्रेस प्रत्याशी साकेत बहुगुणा को लंबी बढ़त मिली थी, लेकिन इस बार की कम वोटिंग दोनों दलों की धड़कने बढ़ा रही है।

टिहरी संसदीय सीट की प्रतापनगर व घनसाली सीट पर कम मतदान होना भी चिंता का विषय है।

पौड़ी संसदीय सीट पर देवप्रयाग विस क्षेत्र में कम पोलिंग होना यहां से स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है।

लेकिन पिथौरागढ़ की धारचूला सीट पर भी प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। सबसे खराब स्थिति नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की सीट की रही।

यहां पर तो पांच बजे तक मात्र 41 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। जागेश्वर का भी यही हाल हुआ।
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इन सीटों पर भी बरसे वोट

भीमताल में कम मतदान होना भी भाजपा को सकते में डाल रहा है। लेकिन खटीमा व नानकमत्ता विधानसभा सीटों में खूब वोट बरसे।

पांच बजे तक सत्तर प्रतिशत से ज्यादा मतदान वाली विधानसभा सीटें
बाजपुर, गदरपुर, नानकमत्ता, खटीमा, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरानकलियर, खानपुर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण

तकनीकी खराबी से बदली गई 69 ईवीएम मशीनें
उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर तकनीकी खराबी आने के कारण 69 ईवीएम को बदला गया।

इस वजह से कुछ समय के लिए मतदान का काम भी प्रभावित हुआ लेकिन स्पेयर में मशीनें होने के कारण बहुत व्यवधान नहीं रहा।
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