I- यातायात बाधित होने से वाहनों की लगीं लंबी कतारें, एसडीएम के समझाने के बाद टूटा जामI
मीनस-अटाल मोटरमार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण की मांग के लिए मंगलवार को ग्रामीणों ने पाटन में हरिपुर-कोटी-मीनस राज्य राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया। वे सड़क के बीच में धरने पर बैठ गए। शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान राजमार्ग के दोनों ओर करीब साढे सात घंटे तक यातायात बाधित रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। शाम पांच बजे एसडीएम के समझाने पर ग्रामीण माने, इसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू हुई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दर्जनों ग्रामीण सुबह 9.30 बजे हरिपुर-कोटी-मीनस राज्य राजमार्ग पर पहुंचे। पाटन के पास सड़क को जाम करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 40 साल से मोटरमार्ग का सुधारीकरण नहीं हुआ है। लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। बताया कि सीमांत क्षेत्र के लोगों को मजबूरी में हिमाचल प्रदेश की सीमा से मीलों दूर वाया गुमा होकर आना-जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के किसानों को कृषि उपज मंडी ले जाने के लिए हिमाचल की सीमा में टोल टैक्स के रूप में अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से सड़क के सुधारीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन सुनने की तैयार ही नहीं है। सूचना पर एसडीएम हरगिरी गोस्वामी के निर्देश पर तहसीलदार चकराता मनोहर लाल अंजवाल और अधिशासी अभियंता लोनिवि साहिया प्रत्यूष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के वार्ता करने पर भी प्रदर्शनकारियों सड़क से नहीं हटे।
उसके बाद डीएम सोनिका के निर्देश पर एसडीएम कालसी हरगिरी गोस्वामी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सड़क के सुधारीकरण कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता राकेश चौहान कंडमाणी, दीवान सिंह चौहान, शूरवीर चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व बीडीसी मेंबर साधू सिंह चौहान, ब्लाक उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस कमेटी चकराता प्रवीण राणा, प्रधान रविता, प्रधान वीरेंद्र सिंह, प्रधान सीमा देवी, प्रधान दीवान सिंह, राजेंद्र सिंह, केशर सिंह, केदार सिंह आदि शामिल रहे।
I90 गांवों को जोड़ता है मोटरमार्गI
वर्ष 1983-84 में मीनस-अटाल मोटरमार्ग का निर्माण किया गया था। यह मार्ग त्यूणी, चकराता और उत्तरकाशी के बंगाण क्षेत्र के 90 गांवों को जोड़ता है। वर्तमान में मोटरमार्ग खस्ताहाल बना हुआ है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क के चौड़ीकरण और डामरीकरण की मांग कर रहे हैं।