देहरादून के विकासनगर में युवक की हत्या लूट के लिए की गई थी। पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। इस कांड को अंजाम देने वालों में शामली से हत्या कर भागे एक बदमाश का नाम भी सामने आया है। वह उस रात पकड़े गए आरोपी के साथ मौजूद था, लेकिन यहां से भी वह पुलिस को चकमा देने में सफल हो गया। पुलिस उसकी तलाश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही है।
बृहस्पतिवार को एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात को लेहमन अस्पताल के पास स्थित पेट्रोल पंप से निकलते समय एक युवक (युसुफ निवासी तिमली, सहसपुर) की दो बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इंस्पेक्टर विकासनगर प्रदीप बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने बुधवार देर रात एक संदिग्ध बदमाश को हर्बर्टपुर क्षेत्र के खेेतों से पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम साहिर निवासी बणत, आदर्श मंडी, शामली बताया। साहिर ने पेट्रोल पंप के पास युवक की हत्या में हाथ होना कबूल किया। उसने बताया कि उसके साथ गांव का ही सागर उर्फ लक्की राणा भी मौजूद था। लक्की अपने तीन साथियों के साथ एक हत्या के मामले में फरार चल रहा है। लक्की को छुपाने के लिए ही वह उसे विकासनगर लेकर आया था। तीन दिनों तक दोनों होटल में रहे। इसके बाद इनके पैसे खत्म हो गए तो लूट की योजना बनाई।
मंगलवार रात को सब्जी बेचने वाले के ठेले से चाकू उठाया और पेट्रोल पंप के पास आ गए। वहां से युसुफ तेल लेकर मोटरसाइकिल से आ रहा था। दोनों ने युसुफ को रोक लिया और चाकू दिखाकर जेब से पैसे व अन्य सामान निकालने को कहा, लेकिन युसुफ ने हाथपाई शुरू कर दी। इस पर दोनों ने उसे पहले हेलमेट से मारा और फिर पेट और छाती में चाकू से कई वार कर दिए। शोर सुनकर पेट्रोल पंप के कर्मचारी उनकी ओर भागे तो दोनों वहां से फरार हो गए।
इससे पहले दोनों ने युसुफ की जेब से पैसे और मोबाइल निकाल लिया था। दोनों आसपास के खेतों में ही छिप रहे थे। इस बीच लक्की उसे भी चकमा देकर भाग गया, लेकिन साहिर को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी के पास से 2600 रुपये और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
लक्की ने किया था साहिर से संपर्क
लक्की और उसके दो साथी आयुष राणा उर्फ चिंटू व राज गोस्वामी शामली हत्या के आरोप में फरार चल रहे थे। साहिर ने पुलिस को बताया कि युसुफ की हत्या से कुछ दिन पहले लक्की ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क किया था। उसने उसे कुरुक्षेत्र स्थित जाट धर्मशाला में बुलाया। चारों लोग वहीं मिले। इसके बाद चारों लोग चंडीगढ़ और फिर यमुनानगर, अंबाला गए। यहां से चिंटू और गोस्वामी दोनों वापस लौट गए। जबकि, साहिर और लक्की दोनों विकासनगर आ गए।
पिता के साथ विकासनगर में दुकान चलाता था साहिर
साहिर ने पुलिस को बताया कि उसका काम केवल लक्की को छुपाना ही था। वह पहले अपने पिता के साथ विकासनगर में कपड़े की दुकान चलाता था। वह इस क्षेत्र से अच्छी तरह वाकिफ था। लिहाजा वह यहां पर लक्की को लेकर आ गया। तीन दिनों तक दोनों होटल में ठहरे, लेकिन पैसे खत्म होने पर उन्हें होटल छोड़ना पड़ा। लक्की व साहिर ने पैसे कमाने के लिए ही लूट की योजना बनाई।