उत्तराखंड में मंत्रिमंडल में फेरबदल की कयासबाजी को शनिवार को एक बार फिर पंख लग गए। मुख्यमंत्री हरीश रावत के खटीमा जाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से हुई मुलाकात को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। खुद विजय बहुगुणा ने यह कहकर इस चर्चा को हवा दे दी कि परिवर्तन राजनीति का नियम है और जब मुख्यमंत्री बदल सकते हैं तो मंत्री क्यों नहीं।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हरीश रावत इसके लिए तैयार नहीं बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पहले सुरेंद्र राकेश के निधन के कारण खाली हुए मंत्री पद को भरने पर जोर दे रहे हैं।
बदले समीकरणों में उठी मांग
भगवानपु़र में ममता राकेश की जीत के बाद से सत्ता समीकरण में भी बदलाव है। एक वरिष्ठ मंत्री के मुताबिक कांग्रेस में अब खाली मंत्री पद को लेकर भी दौड़ भाग है। खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत का पूरा ध्यान भी इसी पर है।
दूसरी ओर कांग्रेस में मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर भी खासी चर्चा है। शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बीच हुई बातचीत को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। विजय बहुगुणा भी इसको हवा देते दिख रहे हैं।
पूछे जाने पर विजय बहुगुणा का कहना था कि मुख्यमंत्री बदल सकते हैं तो मंत्री क्यों नहीं। हालांकि बहुगुणा इससे ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर रहे हैँ।
कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का नतीजा
वहीं कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में बदलाव का जोखिम फिलहाल मुख्यमंत्री हरीश रावत उठाने के पक्ष में नहीं है। रावत के नजदीकी लोगों का मानना है कि मंत्रीमंडल में बदलाव की बात कर कांग्रेस का एक धड़ा नए सिरे से सियासी माहौल को गरमाने की कोशिश में भी है। ऐसे में मुख्यमंत्री हरीश रावत सारा मामला हाईकमान के पाले में खिसकाने की कोशिश में है।